नई दिल्ली : इंडियन प्रीमियर लीग 2027 (IPL 2027) का ऑक्शन 16 दिसंबर को गोवा में होने की संभावना है। इससे पहले कुछ फ्रेंचाइजियों की कोचिंग स्टाफ और टीम में बदलाव देखने को मिला है। दिल्ली कैपिटल्स, चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस की कोचिंग स्टाफ में बदलाव हुआ है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस बीच भारत के पूर्व स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने लखनऊ सुपर जायंट्स की स्पिन बॉलिंग कोच बनने की इच्छा जताई है। अपने क्रिकेट करियर में 191 विकेट लेने वाले शिवरामकृष्णन ने फ्रेंचाइजी के मालिक संजीव गोयनका को एक्स पर टैग करते हुए मौका मांगा है। इस पर अभी लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक का कोई जवाब नहीं आया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने एक्स पर लिखा, ‘डॉ. संजीव गोयनका, मैं पूर्व भारतीय क्रिकेटर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन हूं। अगर आप स्पिन बॉलिंग कोच की तलाश में हैं, तो कृपया मुझे बताएं। मुझे पूरा भरोसा है कि मैं अच्छे नतीजे दे सकता हूं।’ भारत के लिए 9 टेस्ट और 16 वनडे खेलने वाला लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने बतौर कमेंटेटर अपनी पहचान बनाई। हालांकि, वह अब कमेंट्री से दूर हो चुके हैं। उन्होंने यह काम छोड़ते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के प्रसारकों पर नस्लभेद का आरोप लगाया था। वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संजीव गोयनका से स्पिन बॉलिंग कोच बनने का आग्रह करने के वाले पोस्ट पर रिएक्शन देख लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने कहा कि उन्हें काम की तलाश नहीं है। वह स्पिन बॉलिंग को का स्तर उठाना चाहते हैं। वह पैसा नहीं कमाना चाहते। चुनौती से निपटना चाहते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, ‘सुप्रभात, आईपीएल टीम के लिए स्पिनरों को कोचिंग देने की मेरी पोस्ट पर मुझे कई प्रतिक्रियाएं मिली हैं। मुझे काम की कोई सख्त जरूरत नहीं है। मैं खुद को चुनौती देना चाहता हूं ताकि स्पिन गेंदबाजी की गुणवत्ता को फिर से बेहतर बनाया जा सके।’
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने कहा, ‘मुझे पता है कि स्पिनरों की पिटाई क्यों हो रही है। कप्तानों को स्पिनरों का इस्तेमाल एक ‘अटैकिंग विकल्प’ के तौर पर करना चाहिए। अगर पिच से कोई मदद नहीं मिल रही है, तो अन्य तरीकों से बल्लेबाजों को चकमा देना चाहिए। ज्यादातर खिलाड़ियों का चयन आईपीएल से ही होता है। मैंने यह भी कहा है कि मुझे एक बेसिक फीस और प्रदर्शन के आधार पर बोनस दिया जाए। यह एक ऐसी चुनौती है जिसे मैं स्वीकार करने के लिए तैयार हूं। यह एक चुनौती है, लालच नहीं।’