नई दिल्ली : लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे में भारत को इंग्लैंड के खिलाफ 27 रन से हार का सामना करना पड़ा, जिसके साथ ही टीम ने 1-2 से सीरीज गंवा दी। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 387 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में भारतीय टीम 360 रन ही बना सकी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस मुकाबले में भारत की अनुभवहीन गेंदबाजी इकाई दबाव में नजर आई और इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने जमकर रन बटोरे। जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं करने और उनकी जगह चार अपेक्षाकृत कम अनुभवी तेज गेंदबाजों के साथ उतरने के फैसले की पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट विशेषज्ञों ने कड़ी आलोचना की।
भारत के पूर्व खिलाड़ी मोहम्मद कैफ ने कहा कि कुलदीप यादव संन्यास के बारे में सोच रहे होंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने एक्स पर कहा, ’कुलदीप यादव को अपना बैग पैक करके इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने के बारे में सोच रहे होंगे। आज बुमराह नहीं थे, वाशिंगटन नहीं थे, वरुण नहीं थे, लेकिन कुलदीप को फिर भी 11 में जगह नहीं मिली। लॉर्ड्स में भारत का बॉलिंग अटैक में विविधता की कमी दिखी। एक लेफ्ट-आर्म रिस्ट स्पिनर काम आ सकता था। याद रखें कि उन्होंने 118 वनडे में 194 विकेट लिए हैं। ऐसा लगता है कि इन नंबरों से कोई फर्क नहीं पड़ता।’
पूर्व खिलाड़ी बोले- कुलदीप के मनोबल पर पड़ेगा गहरा असर
भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी कुलदीप यादव को लगातार प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने के फैसले पर सवाल उठाए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनका मानना है कि जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में कुलदीप को मौका न देना उनके आत्मविश्वास और लय पर नकारात्मक असर डाल सकता है। अश्विन ने कहा, “कुलदीप को न खिलाने का सबसे बड़ा तर्क यही दिया जाता है कि टीम की बल्लेबाजी नंबर-7 तक ही रहती है।
लेकिन सोचिए, आज अगर अर्शदीप सिंह नंबर-8 पर बल्लेबाजी करते हैं, तो इसमें क्या फर्क पड़ता है? बुमराह के नहीं होने की स्थिति में कुलदीप को बाहर रखना उनके लिए बेहद निराशाजनक होगा। मेरा मानना है कि इससे किसी भी गेंदबाज की लय और आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है।” मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने संकेत दिया कि टीम चयन में संतुलन के साथ-साथ खिलाड़ियों के मनोबल का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।


