नई दिल्ली. David Miller ने स्वीकार किया है कि लगातार दो मैचों से बाहर बैठना उनके लिए निराशाजनक है, लेकिन टीम संयोजन के कारण उन्हें स्थिति को समझना पड़ रहा है। Delhi Capitals की टीम आईपीएल 2026 में प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए संघर्ष कर रही है और अब उसे अपने बचे हुए सभी मुकाबले जीतने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली कैपिटल्स ने हाल के मुकाबलों में विदेशी खिलाड़ियों के संयोजन को ध्यान में रखते हुए Pathum Nissanka को शीर्ष क्रम में मौका दिया, जबकि Mitchell Starc और Lungi Ngidi को गेंदबाज़ी आक्रमण में शामिल किया गया। इसी वजह से मिलर को अंतिम एकादश से बाहर रहना पड़ा।
मिलर ने कहा कि कोई भी खिलाड़ी हर मैच खेलना चाहता है और बाहर बैठना आसान नहीं होता, लेकिन आईपीएल में सिर्फ चार विदेशी खिलाड़ियों के नियम के कारण टीम संयोजन काफी अहम हो जाता है। उन्होंने कहा कि वह सकारात्मक बने रहने और टीम के बाकी खिलाड़ियों का समर्थन करने की कोशिश कर रहे हैं।
2012 से लगातार आईपीएल खेल रहे मिलर का यह सीज़न अब तक खास नहीं रहा है। उन्होंने सात पारियों में सिर्फ 123 रन बनाए हैं। हालांकि गुजरात टाइटंस के खिलाफ उनकी 41 रन की पारी चर्चा में रही थी, लेकिन वह मैच दिल्ली हार गई थी। दिल्ली कैपिटल्स फिलहाल अंक तालिका में सातवें स्थान पर है और 10 मैचों में छह हार झेल चुकी है। मिलर ने कहा कि अब टीम के लिए हर मुकाबला करो या मरो जैसा है। उन्होंने कहा, “अब हमें लगातार चारों मैच जीतने होंगे तभी प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीद बची रहेगी। हमने खराब क्रिकेट नहीं खेली, लेकिन मैच के कुछ छोटे-छोटे पल हमारे खिलाफ गए हैं।”
मिलर ने माना कि बल्लेबाज़ी के दौरान लगातार विकेट गिरना टीम के लिए बड़ी समस्या रही है। उन्होंने कहा कि कई मैचों में दो-तीन विकेट जल्दी गिरने के बाद टीम को फिर से पारी संभालनी पड़ी, जिससे बड़ा स्कोर बनाना मुश्किल हो गया। दिल्ली की घरेलू पिचों पर भी उन्होंने मिश्रित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ मुकाबलों में बड़े स्कोर बने, जबकि कुछ मैचों में बल्लेबाज़ों को संघर्ष करना पड़ा। उनके अनुसार ऐसी परिस्थितियों में टीम को जल्दी परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना होगा। उन्होंने यह भी माना कि कुछ अहम मौकों पर कैच छोड़ने से भी मैच का रुख बदला और टीम को नुकसान उठाना पड़ा।


