मेजर ध्यानचंद जयंती पर तीन दिवसीय खेल महोत्सव में पहलवानों का जोरदार मुकाबला
(NST News) भोपाल. राष्ट्रीय खेल दिवस और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की 120वीं जयंती पर राजधानी भोपाल में खेलों की रौनक देखने को मिली। अखाड़ा ट्रेनिंग स्कूल और भोपाल ज़िला कुश्ती संघ की ओर से 29 से 31 अगस्त तक तीन दिवसीय कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना था, बल्कि नई पीढ़ी को खेलों के महत्व से भी परिचित कराना रहा।

इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में भोपाल ज़िला वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष श्री इरशाद अंसारी शामिल हुए। उनके स्वागत में अखाड़ा ट्रेनिंग स्कूल के सचिव नफ़ीस कुरैशी, संचालक और विश्वामित्र अवार्डी शाकिर नूर, विक्रम अवार्डी अंतरराष्ट्रीय कुश्ती कोच फ़ातिमा बानो, राष्ट्रीय कुश्ती कोच अब्दुल उमेर और वरिष्ठ पहलवान लालू उस्ताद, हरविलास शर्मा, मोहम्मद कलीम समेत कई गणमान्य मौजूद रहे। मुख्य अतिथि ने युवा पहलवानों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि कुश्ती जैसे पारंपरिक खेल हमारी संस्कृति और तंदुरुस्ती दोनों को संजोए रखते हैं। प्रतियोगिता में शहर और आसपास के कई युवा पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया। मुकाबलों की देखरेख शाकिर नूर, फ़ातिमा बानो और अब्दुल उमेर जैसे अनुभवी प्रशिक्षकों ने की। पूरे आयोजन के दौरान रोमांचक कुश्तियां देखने को मिलीं। कुणाल बाथम, केशवानंद गौहर, वीर प्रताप सिंह ठाकुर, अरबाज़, बिलाल, पलक परमार, विराज, अबूज़र और अज़लान अहमद जैसे पहलवानों ने विजेता खिताब हासिल किया। वहीं अल्तमश, विराज बाथम, पुष्पराज सिंह, वीरेंद्र उपाध्याय, रिमशा, अर्शी सिंह कठेत, उज्जवल, अबू बकर और तरुण यादव उपविजेता बने।

समापन अवसर पर विजेता और उपविजेता पहलवानों को आकर्षक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर आयोजकों ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं युवाओं को खेलों से जोड़ने और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का बेहतर माध्यम हैं। राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित इस दंगल ने खेल भावना, परंपरा और भाईचारे का सुंदर संदेश दिया।


