मुंबई। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कम ही देखने को मिलने वाली भिड़ंत में मंगलवार को वेस्टइंडीज़ और ज़िम्बाब्वे आमने-सामने होंगे। यह दोनों टीमों के बीच महज़ पांचवां T20I मुकाबला होगा, लेकिन इसके मायने कहीं ज़्यादा बड़े हैं, क्योंकि इसके बाद दोनों को भारत और दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीमों से भिड़ना है। ज़िम्बाब्वे ने इस टूर्नामेंट में अब तक सबको चौंकाया है। दो साल पहले टी20 विश्व कप के लिए क्वालिफ़ाई न कर पाने वाली टीम इस बार न सिर्फ़ मुख्य टूर्नामेंट में पहुंची, बल्कि सुपर-8 में भी अपराजित रहते हुए दाखिल हुई। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ ब्लेसिंग मुज़ाराबानी की घातक गेंदबाज़ी और श्रीलंका के विरुद्ध 189 रनों का सफल पीछा, ज़िम्बाब्वे के आत्मविश्वास को साफ़ दिखाता है। ब्रायन बेनेट के अर्धशतक और कप्तान सिकंदर रज़ा के तेज़ कैमियो उनकी जीत की अहम कड़ी रहे हैं।
हालांकि, वेस्टइंडीज़ खिलाड़ी-दर-खिलाड़ी तुलना में कहीं ज़्यादा संतुलित नज़र आती है। शे होप शानदार फ़ॉर्म में हैं, शिमरॉन हेटमायर मध्यक्रम को मजबूती देते हैं, जबकि शरफ़ेन रदरफ़ोर्ड और रोवमैन पॉवेल फिनिशिंग का जिम्मा संभालते हैं। चोट से उबर चुके रोमारियो शेफ़र्ड की वापसी से गेंदबाज़ी संयोजन और मज़बूत हो सकता है। मैच वानखेड़े स्टेडियम की लाल मिट्टी की पिच पर खेला जाएगा, जहां इस टूर्नामेंट में तेज़ और स्पिन दोनों गेंदबाज़ों को बराबर मदद मिली है। साफ़ मौसम के बीच यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए आगे की राह तय करने वाला साबित हो सकता है।

