नई दिल्ली : हॉकी विश्व कप 2026 के पुरुष टूर्नामेंट में बुधवार को भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 5-3 से हराकर दूसरे राउंड में जगह बना ली। हालांकि, अगले चरण में भारत के लिए चुनौती आसान नहीं होगी। पहले दौर में भारतीय टीम पूल डी में इंग्लैंड, वेल्स और पाकिस्तान के साथ थी। इस चरण के अंत में इंग्लैंड पूल डी में शीर्ष पर रहा, जबकि भारत दूसरे स्थान पर रहा। दूसरे राउंड में पहुंचने के बावजूद भारत को कैरी ओवर के रूप में इंग्लैंड की तुलना में कम अंक मिलेंगे, जिससे अगले चरण में टीम के सामने आगे बढ़ने की चुनौती और बढ़ जाएगी।
मेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के फॉर्मेट को अगर समझें तो पहले राउंड के बाद चार पूल E, F, G और H बनेंगे। ई और एफ दो ऐसे ग्रुप होंगे जिनमें शुरुआती चार पूल की पहले और दूसरे स्थान की टीमें शामिल होंगे। पूल E में पूल A और पूल D की पहले व दूसरे स्थान की टीमें रहेंगी। वहीं पूल F में पूल B और पूल C की पहले व दूसरे स्थान की टीमें शामिल होंगी। इस दूसरे राउंड में हर ग्रुप में हर टीम दो-दो मैच उन टीमों से खेलेगी जिने पहले राउंड में नहीं भिड़ी थी।
हॉकी विश्व कप: दूसरे राउंड में भारत का पहला मुकाबला कब?
भारतीय टीम पूल डी में दूसरे स्थान पर रहने के बाद अब दूसरे दौर में पूल ई का हिस्सा बनेगी। इस चरण में भारत के साथ इंग्लैंड और पूल ए की शीर्ष टीम के अलावा न्यूजीलैंड या अर्जेंटीना में से एक टीम शामिल होगी। भारत दूसरे दौर में अपना पहला मुकाबला 22 अगस्त को खेलेगा। यह मुकाबला एम्सटेलवीन के वेगेनर स्टेडियम में पूल ए से आने वाली टीम के खिलाफ होगा। इस मैच में भारत के सामने नीदरलैंड्स, अर्जेंटीना या न्यूजीलैंड में से कोई एक टीम हो सकती है।
फिलहाल मौजूदा स्थिति के हिसाब से पूल ए में अपने दोनों पहले मैच जीतकर नीदरलैंड्स टॉप पर है और आखिरी मैच उसका जापान से बाकी है, यानी इसके काफी आसार हैं कि दूसरे राउंड में भारत बनाम नीदरलैंड्स का मैच 22 अगस्त को देखने को मिल सकता है। फिर भारत अगला मुकाबला न्यूजीलैंड या अर्जेंटीना से खेल सकता है। यानी चुनौती दूसरे दौर में आसान नहीं होगी। वहीं भारतीय टीम पहले राउंड के बाद दूसरे राउंड में बिना किसी कैरी ओवर पॉइंट के साथ जा रही है।
पूल ई में इंग्लैंड पहले राउंड के नौ कैरी ओवर पॉइंट्स के साथ पहुंचेगा। वहीं, अगर नीदरलैंड्स जापान को हरा देता है तो वह भी नौ कैरी ओवर पॉइंट्स लेकर दूसरे दौर में आएगा। भारतीय टीम के खाते में पहले राउंड में छह अंक थे, ऐसे में उसके कैरी ओवर पॉइंट्स इंग्लैंड और नीदरलैंड्स से कम रह सकते हैं। इस स्थिति में भारत के लिए दूसरे राउंड से सेमीफाइनल में जगह बनाना चुनौतीपूर्ण होगा। दूसरे दौर के अंत में पूल ई और पूल एफ की शीर्ष दो-दो टीमें ही सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी।


