नई दिल्ली : टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया ने शानदार खेल दिखाते हुए इतिहास रच दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार टूर्नामेंट से पहले टीम के आसपास लगातार यह स्लोगन सुनाई दे रहा था: “हिस्ट्री रिपीट, हिस्ट्री डिफीट।” लेकिन टीम इंडिया ने साबित कर दिया कि वह सिर्फ इतिहास को रिपीट ही नहीं कर सकती, बल्कि उसे डिफीट भी कर सकती है। टूर्नामेंट की शुरुआत भारतीय टीम के लिए आसान नहीं रही और कई मुश्किलें सामने आईं। फिर भी टीम ने गिरकर संभलने का जो हौसला दिखाया, वह किसी भी कप्तान और कोच के लिए गर्व का पल था। अंततः इसी जुझारूपन और सामूहिक प्रयास की बदौलत टीम इंडिया ने खिताब अपने नाम किया और पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय टीम ने टी20 वर्ल्ड कप लगातार दूसरी बार जीता है। इसलिए हम कहे रहे हैं टीम इंडिया ने हिस्ट्री को रिपीट किया है। इससे पहले दुनियाभर की कोई भी टीम लगातार दो टी20 वर्ल्ड कप नहीं जीत पाई थी। इसलिए टीम इंडिया ने हिस्ट्री को डिफीट किया यानी हराया। साथ ही भारतीय टीम अपने घर पर टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भी पहली टीम बनी है।
यूएसए मैच की शुरुआत ने बढ़ाई टीम इंडिया की चिंता
भारतीय टीम ने यूएसए के खिलाफ जिस तरह शुरुआत की थी सभी फैंस की उम्मीदों को झटका लगने लगा था। फिर कप्तान डटे और खड़े हुए। उन्होंने पारी को संभाला। गेंदबाजों ने पहले मैच से ही मोर्चा संभाल लिया था और भारत को कम स्कोर में भी जीत दिला दी। उसके बाद टीम इंडिया के लिए अभिषेक शर्मा का फॉर्म बड़ी चिंता बन गया। ओपनिंग जोड़ी लगातार फ्लॉप होने लगी। संजू सैमसन पहले से ही खराब फॉर्म के कारण बाहर थे। इशान किशन अकेले संभाल रहे थे बल्लेबाजी क्रम। तिलक वर्मा का स्ट्राइक रेट चिंता का विषय था। इसके बाद पाकिस्तान को हराया, नामीबिया को हराया और नीदरलैंड्स को हराकर टीम सुपर 8 में पहुंची।
साउथ अफ्रीका से हार ने टीम इंडिया को झकझोरा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुपर 8 के पहले मैच में ही टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका से हार का सामना करना पड़ा, जिससे सभी फैंस की उम्मीदें लगभग टूटने लगी थीं। इस हार ने न केवल टी20 वर्ल्ड कप जीतने की संभावनाओं को मुश्किल बना दिया था, बल्कि सेमीफाइनल की उम्मीदें भी धूमिल हो रही थीं। इसके बाद टीम के सामने जिम्बाब्वे की चुनौती आई, जो साउथ अफ्रीका से हारने के बाद पहाड़ जैसी लग रही थी। लेकिन टीम इंडिया ने हार मानने के बजाय खुद को संभाला, हौसला दिखाया और साबित कर दिया कि क्यों यह टीम डिफेंडिंग चैंपियन है। अंततः इसी जुझारूपन और सामूहिक प्रयास के दम पर टीम ने वापसी की और टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया।
उसके बाद भारत के लिए फिर से पुरानी ओपनिंग जोड़ी संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की वापसी हुई। अभिषेक का फॉर्म अभी भी चिंता का विषय था लेकिन संजू ने जो वापसी की उसके बाद सभी की उम्मीदें फिर से जाग उठीं। भारत ने फिर वहां से पीछे मुड़कर नहीं देखा। जिम्बाब्वे को हराया, वर्चुअल क्वार्टरफाइनल में वेस्टइंडीज को मात दी और फिर सेमीफाइनल में इंग्लैंड को भारत ने धूल चटाई।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में टीम इंडिया ने मजबूत मानी जा रही न्यूजीलैंड की टीम को चारों खाने चित कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फाइनल एकतरफा मुकाबला बन गया, जिसमें भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 255 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 159 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने तीसरी बार तथा लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया। टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले संजू सैमसन ने पांच पारियों में 321 रन बनाकर प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब जीता, जबकि फाइनल में घातक गेंदबाजी करने वाले जसप्रीत बुमराह को चार विकेट के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

