नई दिल्ली: इंडिया ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच शुक्रवार को खेले गए तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में श्रेयस अय्यर की अगुआई वाली भारतीय टीम को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया ए ने यह मैच 9 विकेट से जीतते हुए सीरीज में शानदार वापसी की और स्कोर 1-1 से बराबर कर लिया। भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जिसका फायदा उठाकर मेहमान टीम ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस मैच में इंडिया ने टॉस जीता था और फिर 45.5 ओवर में 246 रन ही बना पाई। इसके बाद दूसरी पारी में बारिश की वजह से मैच को डकवर्थ-लुईस नियम के आधार पर 25 ओवर का कर दिया गया और कंगारू टीम को जीत के लिए 160 रन का टारगेट मिला। इस टीम ने 16.4 ओवर में 1 विकेट पर 160 रन बनाकर मैच जीत लिया।
दूसरे वनडे में भारत की हार की सबसे बड़ी वजह अभिषेक शर्मा और श्रेयस अय्यर जैसे प्रमुख बल्लेबाजों का खराब प्रदर्शन रहा, जिन्होंने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाने में नाकामी दिखाई। इसके बाद आई बारिश ने भारत की मुश्किलें और बढ़ा दीं, जिससे मैच में वापसी की कोई गुंजाइश नहीं बची। ऑस्ट्रेलिया ए के लिए मैकेंजी हार्वे ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 70 रन बनाए और अपनी टीम को आसान जीत दिलाई। उनके इस अहम प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
ऑस्ट्रेलिया की जोरदार वापसी, सीरीज में बनाई बराबरी
ऑस्ट्रेलिया को इस वनडे सीरीज के पहले मैच में हार मिली थी, लेकिन इस टीम ने शानदार वापसी की और दूसरा मैच जीत लिया। दूसरे मैच में इस टीम को जीत के लिए 160 का टारगेट मिला था जिसे मैकेंजी हार्वे ने नाबाद 70 रन और कूपर कोलोनी ने नाबाद 50 रन बनाकर हासिल कर लिया। जैक फ्रेजर मैगगर्क ने भी 20 गेंदों पर 36 रन की शानदार पारी खेली।
भारत और विपक्षी टीम के बीच हुए इस मुकाबले में भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने अपने शुरुआती तीन विकेट सिर्फ 17 रन के भीतर ही गंवा दिए, जिससे पूरे पारी पर दबाव बन गया। ओपनर प्रभसिमरन सिंह मात्र 1 रन पर पवेलियन लौट गए, वहीं अभिषेक शर्मा खाता भी नहीं खोल पाए। कप्तान श्रेयस अय्यर भी कुछ खास नहीं कर सके और 8 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि, इसके बाद तिलक वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 94 रन की पारी खेली और रियान पराग ने भी 58 रन का अहम योगदान दिया। इन दोनों बल्लेबाजों ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन अन्य कोई बल्लेबाज टिककर नहीं खेल पाया। नतीजतन, भारत बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सका और अंत में टीम को हार का सामना करना पड़ा।


