नई दिल्ली : 5 मार्च 2026 को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया मुकाबला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास के सबसे रोमांचक मैचों में से एक बन गया। इस मैच में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 253 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, लेकिन इसके बावजूद जीत आसान नहीं रही। इंग्लैंड की टीम ने जोरदार जवाब देते हुए 246 रन बना दिए और मुकाबला आखिरी ओवरों तक रोमांचक बना रहा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मैच का सबसे अहम मोड़ विल जैक्स का विकेट रहा, जब वह जैकब बेथेल के साथ मिलकर इंग्लैंड को जीत के करीब ले जा रहे थे। इसी दौरान अर्शदीप सिंह की गेंद पर जैक्स आउट हुए। हालांकि इस विकेट में गेंदबाज से ज्यादा चर्चा फील्डर अक्षर पटेल की शानदार फील्डिंग की रही, जिनकी कोशिश ने भारत को मैच में बड़ी राहत दिलाई और मुकाबले का रुख बदल दिया।
भारतीय उपकप्तान ने विल जैक्स के शॉट पर ना ही सिर्फ छक्का लगाया, बल्कि बेहतरीन छलांग लगाकर उन्हें कैच आउट भी किया। दरअसल इस कैच में एक से ज्यादा फील्डर शामिल थे और अंत में यह कैच शिवम दुबे के खाते में जुड़ा। इसको लेकर कई लोग कंफ्यूज हो सकते हैं कि इसमें मेहनत अक्षर की थी लेकिन कैच दुबे के खाते में जुड़ा। तो इसको लेकर मेरिलबोर्न क्रिकेट क्लब (MCC) का एक नियम भी है।
MCC के कैच से जुड़े नियम को समझिए
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एमसीसी की क्रिकेट रूल बुक में शामिल नियम नंबर 33.2.2 में फेयर कैच यानी लीगल कैच की परिभाषा बताई गई है। इसमें 33.2.2.3 के तहत कहा गया है कि,”अगर फील्डर गेंद को स्टंप में लगने, अंपायर के लगने या किसी फील्डर के लगने या छूने के बाद या फिर दूसरे बल्लेबाज के लगने के बाद पकड़ता है तो इसे फेयर कैच मानते हैं। यानी इस तरह का कैच उस खिलाड़ी के नाम जुड़ता है जो इसे अंत में पकड़ता है।
इस नियम के अनुसार अक्षर वह फील्डर माने गए जिससे संपर्क के बाद गेंद दूसरे खिलाड़ी के हाथों में गई। 33.2.2.1 के अनुसार आखिर में गेंद जिस फील्डर के हाथ में होती है उसका ही यह कैच माना जाता है। 33.2.2.2 को भी समझें तो मतलब यह है कि जमीन में गेंद छुए बिना जिस फील्डर के हाथ में आखिर में रहती है उसका यह फेयर कैच माना जाता है।
इसी वजह से यह कैच आखिरकार शिवम दुबे के खाते में दर्ज हुआ। इस विकेट के बाद मैच की तस्वीर धीरे-धीरे बदलने लगी और भारत को मुकाबले में बड़ी राहत मिली। इसके बाद आखिरी ओवरों में जसप्रीत बुमराह ने अपने दो ओवरों में शानदार गेंदबाजी कर इंग्लैंड पर दबाव बढ़ाया, जबकि अंत में हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे ने भी कसी हुई गेंदबाजी करके जीत की राह आसान की।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जब विल जैक्स और जैकब बेथेल क्रीज पर एक साथ थे, तब इंग्लैंड को 37 गेंदों में 82 रन चाहिए थे और यह लक्ष्य हासिल करना संभव लग रहा था। लेकिन जैक्स के विकेट ने मैच का रुख बदल दिया और बेथेल पर भी दबाव बढ़ गया। आखिरकार भारत ने जबरदस्त संघर्ष के बाद यह मुकाबला 7 रन से अपने नाम कर लिया। इंग्लैंड की पारी के दौरान अक्षर पटेल ने कप्तान हैरी ब्रूक का भी पीछे दौड़ते हुए शानदार कैच पकड़ा, जो मैच के यादगार पलों में से एक रहा।

