नई दिल्ली: भारत बुधवार, 10 सितंबर 2025 को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में एशिया कप 2025 के दूसरे मैच में संयुक्त अरब अमीरात का सामना करेगा। इस साल के टूर्नामेंट में कुल आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं। यह एशिया कप का तीसरा संस्करण है, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में खेला जा रहा है।
गत विजेता भारत इस टूर्नामेंट में खिताब की प्रबल दावेदार टीम के रूप में उतर रहा है। टीम के पास बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में युवा प्रतिभाओं से सजी एक मजबूत लाइनअप मौजूद है। स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव की अगुआई में भारत की कोशिश होगी कि वह यूएई के खिलाफ पहला मैच जीतकर अपने एशिया कप अभियान की दमदार शुरुआत करे।
दूसरी ओर, टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा संयुक्त अरब अमीरात हाल ही में खराब फॉर्म से जूझ रहा है। टीम ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के साथ टी20 अंतरराष्ट्रीय त्रिकोणीय शृंखला की मेजबानी की थी, लेकिन दुर्भाग्यवश उसमें एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाई। अब यूएई की कोशिश होगी कि उस श्रृंखला से सबक लेकर एशिया कप में बेहतर प्रदर्शन करे और मजबूत टीमों को चुनौती दे।
भारत बनाम यूएई, दुबई मौसम पूर्वानुमान
AccuWeather के अनुसार, दुबई में मैच की शुरुआत भारतीय समयानुसार रात 8 बजे होगी, उस समय तापमान लगभग 35°C रहने की संभावना है। आर्द्रता का स्तर करीब 65% तक पहुंच सकता है, जिससे खिलाड़ियों के लिए हालात चुनौतीपूर्ण होंगे। हालांकि, मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आसमान साफ़ रहेगा, इसलिए दर्शक बिना किसी व्यवधान के मैच का आनंद उठा पाएंगे।
एशिया कप 2025, भारत बनाम यूएई, दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम पिच रिपोर्ट
दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए संतुलित मानी जाती है। यहां ऐतिहासिक रूप से तेज गेंदबाजों ने अधिक सफलता हासिल की है और अब तक करीब 64 प्रतिशत विकेट अपने नाम किए हैं। हालांकि, बीच के ओवरों में रनगति पर अंकुश लगाने और बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में स्पिनरों की भी अहम भूमिका रहती है।
दुबई की पिच आमतौर पर शुरुआत में गेंदबाजों को अतिरिक्त गति और उछाल प्रदान करती है, लेकिन धीरे-धीरे यह बल्लेबाजों के लिए स्ट्रोक खेलने के अनुकूल सतह बन जाती है। बल्लेबाजों को यहां टिककर खेलने पर ध्यान देना पड़ता है, क्योंकि बड़े स्कोर बनाना हमेशा आसान नहीं होता। इस मैदान पर टी20 मैचों में औसतन 144 रन बनाए जाते हैं, जो पिच की संतुलित प्रकृति को दर्शाता है।
दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में लक्ष्य का पीछा करना अक्सर टीमों के लिए सुरक्षित रणनीति साबित हुआ है। यहां खेले गए लगभग 59 प्रतिशत मैचों में दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम विजेता रही है, जबकि पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों को केवल करीब 40 प्रतिशत मैचों में ही सफलता मिली है। दूसरी पारी में पिच अधिक स्थिर हो जाती है, जिससे रन का पीछा करना अपेक्षाकृत आसान हो जाता है। इसी कारण टॉस जीतने वाला कप्तान आमतौर पर पहले गेंदबाजी करने का फैसला करता है।

