नई दिल्ली: महिला वनडे विश्व कप 2025 के फाइनल में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 5 विकेट से मात देकर खिताब अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत में शेफाली वर्मा ने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया, जिसके लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। वहीं, पूरे टूर्नामेंट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाली दीप्ति शर्मा ने फाइनल में 58 रनों की दमदार पारी और पांच विकेट झटके, जिसके चलते उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का सम्मान मिला।
बल्ले और गेंद दोनों से छाई शेफाली वर्मा
इस मैच में भारत ने पहली पारी में 50 ओवर में 7 विकेट पर 298 रन बनाए और भारत को इस पारी तक पहुंचाने में शेफाली वर्मा की 78 गेंदों पर 2 छक्के और 7 चौकों की मदद से 87 रन बनाने वाली शेफाली वर्मा की पारी का बड़ा योगदान रहा। यही नहीं दूसरी पारी में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने विषम परिस्थिति में शेफाली को गेंदबाजी भी कराई और उन्होंने अपनी कप्तान को निराश नहीं किया। शेफाली ने फाइनल में 7 ओवर में 36 रन देकर 2 अहम विकेट भी लिए।
शेफाली वर्मा ने रचा इतिहास, पहली बार किया बड़ा कारनामा
शेफाली वर्मा ने महिला विश्व कप 2025 के फाइनल में बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए 87 रनों की शानदार पारी खेली और 2 अहम विकेट झटके। वह विश्व कप फाइनल में 50 से अधिक रन बनाने और दो विकेट लेने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। वहीं, कुल मिलाकर विश्व कप इतिहास में ऐसा कारनामा करने वाली वह दूसरी खिलाड़ी हैं। उनसे पहले श्रीलंका के अरविंदा डी सिल्वा ने 1996 वनडे विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 50 से ज्यादा रन बनाए थे और 2 विकेट हासिल किए थे।
बदलाव बना वरदान, शेफाली ने मौके को बनाया यादगार
सेमीफाइनल से ठीक पहले भारतीय ओपनर प्रतिका रावल चोटिल हो गईं, जिसके चलते टीम मैनेजमेंट ने शेफाली वर्मा को अंतिम एकादश में शामिल किया। हालांकि सेमीफाइनल में शेफाली का बल्ला खामोश रहा और वह बड़ी पारी नहीं खेल पाईं, लेकिन फाइनल मुकाबले में उन्होंने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित कर दिया। निर्णायक मैच में शेफाली ने शानदार बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में दम दिखाया, भारत की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई और टूर्नामेंट की सबसे बड़ी सुपरस्टार बनकर उभरीं।

