भारत और इंग्लैंड दोनों डगमगाए, फिर भी सेमीफाइनल में भिड़ंत तय; किसका पलड़ा भारी?

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नई दिल्ली : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में भारतीय टीम गुरुवार (5 मार्च) को वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड से भिड़ेगी। टीम इंडिया इस मुकाबले में 2023 वनडे वर्ल्ड कप जैसा दमदार प्रदर्शन दोहराने की कोशिश करेगी, जब उसने न्यूजीलैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि मुंबई के इस मैदान पर आईसीसी नॉकआउट मुकाबलों में भारत का रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं रहा है। वानखेड़े में टीम इंडिया ने अब तक तीन आईसीसी नॉकआउट मैच खेले हैं, जिनमें से दो में उसे हार का सामना करना पड़ा। 1987 में इंग्लैंड ने भारत को हराया था, जबकि 2016 टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज ने उसे मात दी थी। ऐसे में इस बार भारतीय टीम इस मैदान पर अपने पुराने रिकॉर्ड को सुधारने की कोशिश करेगी।

ये आंकड़े इतिहास के हैं और इनका मैच के नतीजों पर कोई असर नहीं होगा। अगर असर होता तो बुधवार (4 मार्च) को न्यूजीलैंड फाइनल में नहीं पहुंचता, जो सेमीफाइनल से पहले टी20 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका से कभी नहीं जीता था। 8 मार्च को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में वह टीम पहुंचेगी जो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी और भारत और इंग्लैंड ने टूर्नामेंट में अबतक ऐसा नहीं किया है।

नहीं दिखा एकजुट प्रदर्शन, लेकिन भारत ने सेमीफाइनल में बनाई जगह

डिफेंडिंग चैंपियन और खिताब की प्रबल दावेदार भारतीय टीम ने किसी मैच में एकजुट प्रदर्शन नहीं किया है। हर मैच में कोई एक खिलाड़ी चला है और उसने टीम का बेड़ा पार लगाया है। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अमेरिका, इशान किशन ने नामीबिया और पाकिस्तान, शिवम दुबे ने नीदरलैंड्स और साउथ अफ्रीका), अभिषेक शर्मा-हार्दिक पांड्या ने जिम्बाब्वे और संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दमदार प्रदर्शन किया।

अभिषेक शर्मा और वरुण चक्रवर्ती पर फोकस

भारत के लिए चिंता का विषय अभिषेक शर्मा और वरुण चक्रवर्ती हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले दोनों खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन टूर्नामेंट में वे जूझते दिख रहे हैं। पहला मैच छोड़ दें तो कप्तान सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन भी कुछ खास नहीं रहा है। जसप्रीत बुमराह ने जब भी जरूरत पड़ी भारत की वापसी कराई है। अर्शदीप सिंह और हार्दिक पंड्या ने उनका अच्छा साथ दिया है। भारतीय टीम की समस्या फील्डिंग भी है।

इंग्लैंड लड़खड़ाते हुए सेमीफाइनल पहुंचा

इंग्लैंड की बात करें तो हैरी ब्रूक की अगुआई वाली टीम के पक्ष में भले नतीजे गए हों, लेकिन भारत की तरह वह भी लड़खड़ाते हुए ही सेमीफाइनल पहुंचा है। फिल साल्ट और जोस बटलर फ्लॉप रहे हैं। कप्तान हैरी ब्रूक का नंबर 3 पर आना काम आया है। मध्यक्रम जूझता ही दिखा है। विल जैक्स ने इंग्लैंड की जीत में अहम भूमिका निभाई है। गेंद और बल्ला दोनों से अच्छा प्रदर्शन किया है। गेंद से जोफ्रा आर्चर ने कहर बरपाया है।

सेमीफाइनल में फिर भारत vs इंग्लैंड, लगातार तीसरी बार भिड़ंत

भारतीय टीम के लिए एक सकारात्मक पहलू यह है कि उसके कई खिलाड़ी वानखेड़े स्टेडियम की परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं। सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, जसप्रीत बुमराह, शिवम दुबे और इशान किशन जैसे खिलाड़ी मुंबई या मुंबई इंडियंस की ओर से खेल चुके हैं, जिससे उन्हें इस मैदान की पिच और माहौल का अच्छा अनुभव है। वहीं भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप में लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल मुकाबला होने जा रहा है। 2022 में इंग्लैंड ने जीत हासिल की थी, जबकि 2024 में भारत ने पलटवार करते हुए बाजी मारी थी। ऐसे में इस बार का मुकाबला दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर वाला माना जा रहा है।

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