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Saturday, March 14, 2026

भारत ने 50 स्वर्ण पदकों के साथ रचा इतिहास, अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

नई दिल्ली: कज़ाखस्तान के शिमकेंट में आयोजित 16वीं एशियाई शूटिंग चैम्पियनशिप (सभी स्पर्धाएं) का समापन हो गया, और 12 रोमांचक प्रतियोगिता दिनों के बाद भारतीय टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 50 स्वर्ण पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया — जो इस प्रतिष्ठित महाद्वीपीय चैम्पियनशिप के इतिहास में पहली बार हुआ है। विशेष रूप से सीनियर टीम का प्रदर्शन ओलंपिक की 15 स्पर्धाओं में (राइफल, पिस्टल और शॉटगन वर्गों में) अत्यंत सराहनीय रहा, जहाँ भारतीय निशानेबाजों ने 6 स्वर्ण, 2 रजत और 3 कांस्य पदक अपने नाम किए। इस वर्ग में भारत का स्थान चीन के बाद रहा, जिसने 8 स्वर्ण जीते, जबकि मेज़बान कज़ाखस्तान ने 1 स्वर्ण पदक हासिल किया।

राष्ट्रीय रायफल संघ (एनआरएआई) के अध्यक्ष श्री कालिकेश नारायण सिंह देव ने प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “यह एक शानदार प्रदर्शन है और यह साफ दिखता है कि शूटिंग इकोसिस्टम का आत्मविश्वास चरम पर है, जिसे पेरिस ओलंपिक में हमारे प्रदर्शन से भारी प्रोत्साहन मिला है। विशेष रूप से जूनियर खिलाड़ियों का प्रदर्शन अत्यंत संतोषजनक है, जो यह दर्शाता है कि भारतीय शूटिंग की असली शुरुआत अब हुई है और निकट भविष्य में इससे भी बड़ी उपलब्धियाँ देखने को मिलेंगी।” भारत ने चैम्पियनशिप का समापन कुल 99 पदकों के साथ किया, जिसमें 50 स्वर्ण, 26 रजत और 23 कांस्य पदक शामिल थे। मेज़बान कज़ाखस्तान 70 पदकों (21 स्वर्ण सहित) के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि चीन ने 15 स्वर्ण और कुल 37 पदकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया।

सीनियर वर्ग में प्रदर्शन का मुख्य आकर्षण दो बार की ओलंपियन एलावेनिल वलारिवन का महिला एयर राइफल में एशियाई रिकॉर्ड स्कोर के साथ दूसरा एशियाई खिताब जीतना रहा। उन्होंने अर्जुन बाबूता के साथ मिक्स्ड टीम इवेंट में भी स्वर्ण पदक जीता। नीरू धांडा ने महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा में भारत के लिए पहला एशियाई चैम्पियनशिप स्वर्ण पदक जीता, सिफ्त कौर सामरा ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोज़िशन (3P) में अपना पहला एशियाई खिताब जीता, जबकि ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने पुरुषों की 3P स्पर्धा में अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया।

भारतीय जूनियर निशानेबाजों ने भी सभी ओलंपिक स्पर्धाओं में दबदबा बनाते हुए 10 स्वर्ण पदक जीते, साथ ही 4 रजत और 4 कांस्य पदक भी अपने नाम किए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इस खेल में भारत की गहराई कितनी मजबूत है। अन्य स्वर्ण पदक युवा वर्ग, टीम स्पर्धाओं तथा गैर-ओलंपिक स्पर्धाओं से आए। उदाहरण के लिए, पूर्व विश्व चैंपियन अंकुर मित्तल ने पुरुषों की डबल ट्रैप स्पर्धा में 107 के विश्व रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण जीता, जबकि रियो ओलंपियन गुरप्रीत सिंह ने पुरुषों की 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया।

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