सिडनी में भारत ने खेले हैं कुल 13 टेस्ट मैच, स्पिनर्स ने किया था कमाल, गुंडप्पा विश्वनाथ ने लगाया था अर्धशतक

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नई दिल्ली: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का कारवां अब सिडनी के क्रिकेट मैदान पर पहुंच चुका है, जहां सीरीज का आखिरी और पांचवां टेस्ट मुकाबला खेला जाएगा। भारतीय टीम सीरीज में 1-2 से पीछे चल रही है और सीरीज में बराबरी हासिल करने के लिए भारतीय टीम को यहां जीतना बहुत ही जरूरी है। सिडनी में जीत हासिल करके टीम इंडिया वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें भी जिंदा रखेगी।

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में भारतीय टीम ने अभी तक कुल 13 टेस्ट मुकाबले खेले हैं, जिसमें से सिर्फ एक में जीत हासिल की है और पांच मुकाबले हारे हैं। वहीं दोनों टीमों के बीच 7 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे हैं। जबकि भारत ने साल 2019 और साल 2021 में सिडनी में खेले गए टेस्ट मैचों को ड्रॉ करवाया था।

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में भारतीय टीम ने जो एकमात्र टेस्ट मैच जीता था। वह साल 1978 में बिशन सिंह बेदी की कप्तानी में जीता था। तब भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को पारी और दो रन से शिकस्त दी थी। इस मैच में भारतीय स्पिन तिकड़ी (बिशन सिंह बेदी, भागवत चंद्रशेखर और इरापल्ली प्रसन्ना) ने कमाल का प्रदर्शन किया। इन तीनों ही स्पिनर्स के आगे धाकड़ ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज टिक नहीं पाए थे और तीनों ने मिलकर कुल 16 विकेट चटकाए थे।

मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहले बैटिंग करते हुए कुल 131 रन बनाए थे। इसके बाद भारतीय बल्लेबाजों ने कमाल का खेल दिखाया था और 396 रनों पर पारी घोषित कर दी थी। भारत के लिए गुंडप्पा विश्वनाथ (79 रन) और कर्सन घारवी (64 रन) ने अर्धशतक लगाए। इन दोनों के अलावा सैयद किरमानी, चेतन चौहान और सुनील गावस्कर ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी की। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई टीम सिर्फ 263 रन ही बना सकी और इस तरह से टीम इंडिया मुकाबला जीतने में सफल रही है। सिडनी में जीत भारतीय टीम के लिए सीरीज बराबर करने अलावा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में एंट्री करने का रास्ता खोलेगी। इसके बाद फाइनल में पहुंचने के लिए भारत को श्रीलंका के ऊपर निर्भर रहना होगा और ये दुआ करनी होगी कि श्रीलंकाई टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में एक जीत ले और एक ड्रॉ करवा ले।

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