महिला तीरंदाजी में भारत ने रचा इतिहास, साउथ कोरिया को मात देकर जीता स्वर्ण

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नई दिल्ली : भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने शुक्रवार (2 अक्टूबर) को शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया। फाइनल में भारत ने विश्व चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर इस स्पर्धा में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। यह भारत का एशियन गेम्स 2026 में 11वां गोल्ड मेडल रहा। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड़ की भारतीय टीम ने 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया की टीम को मात देकर स्वर्ण अपने नाम किया। तेज हवा के बीच खेले गए मुकाबले के पहले दो सेट बराबरी पर रहे। दोनों टीमों ने एक समान क्रमश: 54 और 56 अंक जुटाकर एक-एक अंक हासिल किया। विश्व चैंपियन कांग चेयंग, ओ येजिन और ली युनजी की कोरियाई टीम तीसरे सेट में लड़खड़ा गई। उसके तीरंदाजों ने लगातार तीन बार आठ अंक हासिल किए और कुल 52 अंक ही जुटा सके।
भारत ने जीता तीसरा सेट, मुकाबले में बनाई बढ़त
भारतीय तीरंदाजों ने 55 अंक बनाकर यह सेट अपने नाम कर लिया। दक्षिण कोरिया ने चौथे सेट में 54 अंक बनाए। भारत की ओर से कीर्ति ने शुरुआत में आठ अंक हासिल किए, जिसे बाद में निर्णायक रूप से नौ अंक में बदला गया। इससे भारत का कुल स्कोर 54 हो गया और सेट बराबरी पर छूटा।
चीन को 5-1 से हराकर पहली बार फाइनल में जगह बनाई थी

इस नतीजे के साथ भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इससे पहले भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर पहली बार एशियाई खेलों के फाइनल में जगह बनाई थी। महिला रिकर्व टीम का स्वर्ण एशियाई खेलों में भारत का तीरंदाजी में चौथा स्वर्ण है। इससे पहले पुरुष कंपाउंड, महिला कंपाउंड और मिश्रित कंपाउंड टीमों ने भी स्वर्ण पदक जीते थे। भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने 2023 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था।

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