एशियाई मुक्केबाजी में भारत का जलवा, 8 खिलाड़ियों ने बनाई फाइनल में जगह

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नई दिल्ली : भारतीय मुक्केबाजों ने एशियाई अंडर-19 और अंडर-23 मुक्केबाजी चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना दबदबा कायम रखा है। पुरुष और महिला अंडर-23 वर्ग के कुल आठ भार वर्गों में भारतीय खिलाड़ियों ने फाइनल में जगह बनाई है, जबकि सात अन्य मुक्केबाज सेमीफाइनल तक पहुंचकर कांस्य पदक अपने नाम करने में सफल रहे। विशेष रूप से अंडर-23 महिला वर्ग में भारत की पांच मुक्केबाजों ने फाइनल में प्रवेश कर स्वर्ण पदक जीतने की मजबूत दावेदारी पेश की है। निशा (54 किग्रा) ने कोरिया की हेजू ली को जबकि निकिता चंद (60 किग्रा) ने जापान की सारी कोकुफू को हराया। रविवार को काजल (65 किग्रा) ने किर्गिस्तान की गुलज़िना मेल्सवेक को आसानी से हराया था। इन तीनों वजन वर्ग में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा इस तरह से रहा कि रेफरी को बीच में ही मुकाबला रोकना पड़ा।

तीन भारतीय मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे, स्वर्ण पर नजर

मुस्कान (75 किग्रा) ने उज्बेकिस्तान की तोइरोवा ओयशा के खिलाफ 5-0 से जबकि प्रियंका (80 किग्रा से अधिक) ने कजाकिस्तान की पनार सेइतखांकीजी पर इसी अंतर से जीत दर्ज की। अंडर-23 पुरुष वर्ग में तीन भारतीय मुक्केबाज फाइनल में पहुंच गए हैं।

सात भारतीय मुक्केबाजों के नाम कांस्य पदक

विश्वनाथ सुरेश (50 किग्रा) ने फिलीपींस के अपने प्रतिद्वंद्वी पर 5-0 से शानदार जीत दर्ज की, जबकि गंगा (55 किग्रा) ने जापान के खिलाड़ी को 3-2 के विभाजित फैसले से हराया। वंशज (65 किग्रा) ने किर्गिस्तान के प्रतिद्वंद्वी पर 4-1 से जीत हासिल की। भारत के सात मुक्केबाजों ने सेमीफाइनल में पहुंचकर कांस्य पदक भी जीते।

किन भारतीय मुक्केबाजों ने जीते कांस्य पदक?

अंडर-23 महिला वर्ग में तनु (51 किग्रा), प्राची (57 किग्रा), शिवानी (70 किग्रा) और नैना (80 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किए। अंडर-23 पुरुष वर्ग में हितेश (70 किग्रा), नीरज (75 किग्रा) और ईशान कटारिया (90 किग्रा से अधिक) ने कांस्य पदक जीते।

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