विशाखापट्टनम. विमेंस वनडे वर्ल्ड कप में मेजबान भारत को लगातार दूसरी हार झेलनी पड़ी। रविवार को विशाखापट्टनम में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 330 रन बनाए। स्मृति मंधाना ने 80 और प्रतिका रावल ने 75 रन की शानदार पारियां खेलीं। भारत की ओर से श्री चरणी ने 3 विकेट लिए, जबकि दीप्ति शर्मा और अमनजोत कौर ने 2-2 विकेट चटकाए। ऑस्ट्रेलिया ने इस विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए 49 ओवर में 7 विकेट खोकर जीत हासिल की। यह विमेंस वनडे इतिहास में सबसे बड़े रन चेज में से एक है। टीम ने 2024 में श्रीलंका द्वारा बनाए गए 305 रन के रिकॉर्ड को तोड़ा। भारत के खिलाफ यह अब तक का सबसे बड़ा टारगेट चेज रहा।

एलिसा हीली ने शतक बनाया
ऑस्ट्रेलिया की कप्तान एलिसा हीली ने 84 गेंदों में 142 रन की दमदार पारी खेली। उन्होंने इस मैच में टीम को लगातार मजबूती दी और प्लेयर ऑफ द मैच बनीं। हीली ने इस वर्ल्ड कप में सबसे कम गेंदों में हाफ सेंचुरी बनाई और अपनी टीम के लिए पहला वनडे शतक जमाया। आखिरी ओवरों में एलिस पेरी ने 52 गेंदों में 47 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। वे पहले रिटायर्ड हर्ट हुईं और 16 रन बनाकर मैदान से बाहर गईं। बाद में उन्होंने लोअर ऑर्डर बैटर्स के साथ पारी संभाली और अंतिम ओवर में विजयी छक्का लगाया।
गेंदबाजी में एनाबेल सदरलैंड का दबदबा
भारत की टीम को रोकने में एनाबेल सदरलैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने 9 ओवर में सिर्फ 40 रन देकर 5 विकेट चटकाए। भारत की मध्यक्रम बल्लेबाजों को उन्होंने लगातार परेशान किया। श्री चरणी ने पहले और तीसरे विकेट के रूप में टीम को फायदा पहुंचाया।
पॉइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर
इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड कप पॉइंट्स टेबल में टॉप स्थान हासिल किया। टीम के 4 मैचों में 3 जीत और एक बेनतीजा मैच से उन्हें 7 पॉइंट्स मिले। इंग्लैंड 6 पॉइंट्स के साथ दूसरे और भारत 4 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया ने पावरप्ले में मजबूत शुरुआत की और पहले 10 ओवर में बिना विकेट गंवाए 82 रन बना लिए। कप्तान हीली और पेरी ने मिलकर 69 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिसने टीम को मैच में निरंतर बने रहने में मदद की। अंतिम ओवर में ऑस्ट्रेलिया को 13 रन चाहिए थे, जिसे पेरी ने अंतिम गेंद पर छक्का लगाकर जीत में बदल दिया।भारत की टीम ने स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल के प्रयासों के बावजूद अंतिम ओवरों में मुकाबला गंवा दिया। गेंदबाजों ने मैच में अच्छे प्रदर्शन किए, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की मजबूत बल्लेबाजी और निर्णायक साझेदारियों के सामने भारत को हार माननी पड़ी।


