नई दिल्ली। भारतीय महिला हॉकी टीम ने संघर्ष, आत्मविश्वास और शानदार प्रदर्शन के दम पर एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 के लिए क्वालिफाई किया है। 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड्स में होने वाले विश्व कप में भारत को पूल-डी में चीन, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के साथ रखा गया है। टीम अपने अभियान की शुरुआत 16 अगस्त को चीन के खिलाफ करेगी। 2025 महिला एशिया कप के फाइनल में चीन से हारकर भारत सीधे विश्व कप में जगह बनाने से चूक गया था, लेकिन टीम ने इस निराशा को प्रेरणा में बदलते हुए अगले अवसर का पूरा फायदा उठाया।
मार्च 2026 में हैदराबाद में आयोजित एफआईएच महिला विश्व कप क्वालिफायर में मुख्य कोच स्जोर्ड मारिन की देखरेख में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। सेमीफाइनल में इटली को 1-0 से हराकर भारत ने विश्व कप का टिकट पक्का किया। फाइनल में इंग्लैंड से हार के बावजूद टीम उपविजेता रही। इस टूर्नामेंट में अनुभवी फॉरवर्ड नवनीत कौर ने चार गोल, जिसमें वेल्स के खिलाफ हैट्रिक भी शामिल रही, दागकर ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का पुरस्कार जीता।
विश्व कप से पहले भारत ने न्यूजीलैंड में एफआईएच नेशंस कप जीतकर अपना आत्मविश्वास और मजबूत किया। सलिमा टेटे की कप्तानी में टीम पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रही और फाइनल में न्यूजीलैंड को 2-0 से हराकर खिताब जीतने के साथ एफआईएच प्रो लीग में वापसी भी सुनिश्चित की। ड्रैग फ्लिकर दीपिका छह गोल के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष स्कोरर रहीं। वहीं नवनीत कौर ने 200, निक्की प्रधान ने 200 और कप्तान सलिमा टेटे ने 150 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे कर व्यक्तिगत उपलब्धियां भी हासिल कीं। अनुभव और युवा खिलाड़ियों के संतुलित मिश्रण के साथ भारतीय टीम अब विश्व कप में दमदार प्रदर्शन की उम्मीद लेकर उतरेगी।


