ड्रैग-फ्लिक विशेषज्ञ टेके टेकेमा के विशेष प्रशिक्षण शिविर ने दिलाई नेशंस कप जीत

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नई दिल्ली। एफआईएच हॉकी महिला नेशंस कप न्यूजीलैंड 2025-26 का खिताब जीतने के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम की ड्रैग-फ्लिकर्स ने इस सफलता का श्रेय डच हॉकी के दिग्गज टेके टेकेमा के विशेष प्रशिक्षण शिविर को दिया है। खिलाड़ियों का कहना है कि इस कैंप ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की उनकी क्षमता को नई मजबूती दी।

विश्व हॉकी के सर्वश्रेष्ठ ड्रैग-फ्लिकरों में शामिल टेके टेकेमा ने मई में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान भारतीय टीम के साथ प्रशिक्षण शुरू किया था। मुख्य कोच स्जोर्ड मारिन की देखरेख में न्यूजीलैंड में भी उन्होंने दीपिका, लालथांतलुआंगी और अन्नू को ड्रैग-फ्लिक तकनीक, पेनल्टी कॉर्नर निष्पादन और मैच जागरूकता पर विशेष प्रशिक्षण दिया। इस शिविर को आनंदना-द कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन का सहयोग मिला।

इस प्रशिक्षण का असर पूरे टूर्नामेंट में दिखाई दिया। भारतीय टीम ने पेनल्टी कॉर्नर से 13 गोल किए, जबकि दीपिका छह गोल के साथ संयुक्त रूप से टूर्नामेंट की सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी रहीं। उनके सभी गोल पेनल्टी कॉर्नर से आए।

दीपिका ने कहा कि इस बार प्रशिक्षण केवल मैदान तक सीमित नहीं था। वीडियो विश्लेषण के जरिए विरोधी टीमों की रक्षात्मक रणनीति और गोलकीपर की पोजिशनिंग का भी अध्ययन कराया गया। उन्होंने कहा कि टेकेमा ने दबाव की परिस्थितियों में शांत रहकर अपनी प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखने का महत्व समझाया।

लालथांतलुआंगी ने बताया कि ड्रैग-फ्लिक सीखने के दौरान शरीर का संतुलन, फुटवर्क और सही पिक-अप प्वाइंट जैसी बारीकियों पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि टेकेमा के धैर्य और मार्गदर्शन से उनकी तकनीक में लगातार सुधार हुआ।

अन्नू ने कहा कि टेकेमा जैसे अनुभवी कोच के साथ प्रशिक्षण से उनका आत्मविश्वास बढ़ा और निर्णायक मौकों पर संयम बनाए रखने में मदद मिली। वहीं कोका-कोला इंडिया एवं साउथ वेस्ट एशिया की वाइस प्रेसिडेंट (पब्लिक अफेयर्स, कम्युनिकेशंस एंड सस्टेनेबिलिटी) देवयानी राणा ने टीम को खिताबी जीत पर बधाई देते हुए कहा कि आनंदना फाउंडेशन खिलाड़ियों के विकास और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों के समर्थन के लिए आगे भी प्रतिबद्ध रहेगा।

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