नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने स्पष्ट किया है कि रूसी खिलाड़ियों को अगले वर्ष होने वाले मिलान-कॉर्टिना शीतकालीन खेलों में भाग लेने की अनुमति तो दी जाएगी, लेकिन वे अपने देश रूस का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकेंगे। वे स्वतंत्र खिलाड़ी के रूप में प्रतिस्पर्धा करेंगे। साथ ही IOC ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने कभी भी इजरायल पर किसी प्रकार के प्रतिबंध लगाने पर चर्चा नहीं की है। आईओसी ने शुक्रवार (19 सितंबर) को मिलान में कार्यकारी बोर्ड की बैठक के बाद पुष्टि की कि वह पिछले वर्ष पेरिस ओलंपिक खेलों में अपनाई गई प्रणाली का पालन करेगा, जिसके तहत रूस के खिलाड़ियों को व्यक्तिगत तटस्थ खिलाड़ी के रूप में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी जाएगी।
IOC कार्यकारी बोर्ड के रुख में कोई बदलाव नहीं
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आईओसी अध्यक्ष क्रिस्टी कोवेंट्री ने कहा, ‘‘हमने मिलान-कॉर्टिना खेलों में व्यक्तिगत तटस्थ खिलाड़ियों को लेकर बात की। कार्यकारी बोर्ड बिल्कुल वही दृष्टिकोण अपनाएगा, जो पेरिस ओलंपिक खेलों में अपनाया गया था। इसमें कुछ भी बदलाव नहीं हुआ है।’’
2023 में निलंबित हुई रूसी ओलंपिक समिति: IOC का बड़ा कदम
रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने 2023 में रूसी ओलंपिक समिति को निलंबित कर दिया था। इस निर्णय के बाद से रूस के खिलाड़ी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में “तटस्थ व्यक्तिगत खिलाड़ी” के रूप में भाग ले रहे हैं, जहां वे अपने देश के झंडे या राष्ट्रगान का उपयोग नहीं कर सकते। अब, इज़रायल द्वारा गाज़ा पर किए गए हमलों के चलते, कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मानवाधिकार समूहों द्वारा इज़रायल पर भी इसी प्रकार का प्रतिबंध लगाने की मांग की जा रही है। उनका तर्क है कि खेलों में समान नैतिक मानदंडों को लागू किया जाना चाहिए और यदि युद्ध या मानवीय संकट की स्थिति में रूस पर कार्रवाई की गई थी, तो इज़रायल के मामले में भी वैसी ही सख्ती दिखानी चाहिए।
IOC के अनुसार इज़रायल पर प्रतिबंध का कोई आधार नहीं
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस बारे में पूछे जाने पर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की सदस्य कोवेंट्री ने कहा, ‘‘इस कार्यकारी बोर्ड और किसी अन्य कार्यकारी बोर्ड में हमने किसी राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (NOC) के प्रतिनिधित्व को समाप्त करने या उस पर प्रतिबंध लगाने पर कोई चर्चा नहीं की है।’’ उन्होंने स्पष्ट किया कि इज़रायल के मामले में ऐसी कोई कार्रवाई विचाराधीन नहीं है। इससे पहले IOC ने यह भी कहा था कि इज़रायल ने रूस की तरह ओलंपिक चार्टर का उल्लंघन नहीं किया है। गौरतलब है कि रूस को यूक्रेन के कुछ पूर्वी क्षेत्रों पर कब्जा करने के कारण निलंबित कर दिया गया था, जिसे IOC ने चार्टर का गंभीर उल्लंघन माना था।


