नई दिल्ली: रणजी ट्रॉफी 2025 का आगाज हो चुका है और इस बार का टूर्नामेंट काफी खास होने वाला है, क्योंकि इसमें कई भारतीय टीम के इंटरनेशनल खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। वहीं, इस सीज़न में एक ऐसा नाम भी चर्चा में है जिसने संघर्षों से भरे जीवन के बाद अपनी मेहनत और जुनून के दम पर रणजी टीम में जगह बनाई है — इरफान उमैर। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज इरफान उमैर का सफर आसान नहीं रहा। एक वक्त था जब मुंबई में उनके मकान मालिक ने उन्हें घर से निकाल दिया था और उन्हें रेलवे स्टेशन पर रातें गुज़ारनी पड़ी थीं। लेकिन हालात से लड़कर उन्होंने खुद को साबित किया और आज वे मुंबई की सबसे सफल रणजी टीम का हिस्सा बन चुके हैं, जो उनके जज्बे और समर्पण की मिसाल पेश करता है।
उन्हें 42 बार की चैंपियन सबसे सफल रणजी टीम ने अपने साथ जोड़ा और पहले मैच में ही उन्हें डेब्यू का मौका भी मिला। इरफान का डेब्यू कैसा रहा उस पर बाद में बात करेंगे, लेकिन उससे पहले उनके सफर पर नजर डाल लेते हैं कि कैसे उन्होंने मुंबई आने के बाद मुश्किलों का सामना किया था। उन्होंने वेटर, फूड शॉप में शुशी बनाने वाले हेल्पर तक की नौकरी की है। तो आइए नजर डालते हैं मुंबई की टीम के इस सितारे के सफर पर नजर:-
मुश्किल हालात में भी नहीं छोड़ी उम्मीद, कठोर परिश्रम बना सफलता की कुंजी
साल 2017 में इरफान उमैर अपने सपनों को हकीकत में बदलने की चाह लेकर रांची से मुंबई पहुंचे थे। उस समय उनके पास सिर्फ 5500 रुपये थे। मुंबई पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए 300 रुपये रोज़ की दिहाड़ी पर वेटर की नौकरी की। इसके अलावा उन्होंने एक रेस्टोरेंट में सुशी बनाने का काम भी किया। हालात इतने मुश्किल थे कि कई बार उन्हें रेलवे स्टेशन पर ही रात गुजारनी पड़ी। जिस जगह वे किराए पर रहते थे, वहां के मकान मालिक ने भी उन्हें घर से निकाल दिया था। ऊपर से कोविड महामारी के दौरान उनके जरूरी दस्तावेजों से जुड़े कामों में भी काफी देरी हुई। इन तमाम मुश्किलों के बावजूद इरफान ने हार नहीं मानी — दिन में मेहनत-मजदूरी करते और बाकी समय क्रिकेट की प्रैक्टिस जारी रखते रहे। उनका यही संघर्ष और लगन आज उन्हें रणजी टीम तक ले आया है।
इनकम के लिए उन्होंने टेनिस बॉल क्रिकेट भी खेलना शुरू कर दिया था। उसके बाद उन्हें पहला ऐसा ब्रेक मिला जिसके बाद उनकी किस्मत बदलना शुरू हुई और किचन को छोड़कर वह क्रिकेट के मैदान पर आ पाए। उन्हें 16 लाख रुपये में ISPL के लिए फाल्कन राइजर्स हैदराबाद ने खरीदा था। यहां कई कोच ने उन्हें नोटिस किया और अभिषेक नायर ने भी उनका काफी समर्थन किया। इसके बाद CCI, KSCA और बुची बाबू टूर्नामेंट में उन्होंने जलवा बिखेरना शुरू कर दिया। अब कप्तान शार्दुल ठाकुर के नेतृत्व में उन्हें जम्मू कश्मीर की टीम के खिलाफ मुंबई के लिए रणजी के पहले मैच में डेब्यू का मौका मिला है।
प्रदर्शन से प्रभावित हुए कप्तान शार्दुल ठाकुर
कप्तान ने उनको लेकर बयान भी दिया कि इस खिलाड़ी के अंदर परफॉर्म करने की भूख है। इस मैच में पहले खेलते हुए मुंबई की टीम ने 386 रन बनाए थे। जवाब में जम्मू कश्मीर की पारी दूसरे दिन के अंत तक जारी थी। उसका स्कोर था 7 विकेट पर 273 रन। इसमें से एक विकेट इरफान उमैर का भी था जो उन्होंने ओपनर कामरान इकबाल को आउट करके हासिल किया था। बाएं हाथ के पेसर ने अभी तक इस मुकाबले में 10 ओवर में 2 मेडन फेंकते हुए 40 रन दिए थे और एक विकेट झटका था। अब देखना होगा कि वह रणजी डेब्यू के बाद अपने इस सफर को भारत की इंटरनेशनल टीम तक कैसे ले जा पाते हैं।


