नई दिल्ली : काव्या मारन की टीम सनराइजर्स हैदराबाद आईपीएल 2026 के लिए तैयार नजर आ रही है, लेकिन शुरुआत में उन्हें एक बड़ा झटका लगा है क्योंकि नियमित कप्तान पैट कमिंस शुरुआती कुछ मैचों में उपलब्ध नहीं होंगे। ऐसे में टीम की कमान युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन के हाथों में होगी। हालांकि, उनके लिए यह जिम्मेदारी आसान नहीं रहने वाली है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर अभिनव मुकुंद ने टीम की एक बड़ी कमजोरी की ओर इशारा किया है, जो इस सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।
अभिनव ने हैदराबाद के बारे में बात करते हुए माना की जहां इस टीम की बल्लेबाज 10 के स्तर की है तो वहीं गेंदबाजी का स्तर 1 है जो कि बहुत बड़ी गिरावट है। इसके अलावा अभिनव ने हैदराबाद की इस बात के लिए आलोचना की कि उन्होंने लियाम लिविंगस्टोन पर भारी-भरकम रकम खर्च कर दी जबकि उनके पास पहले से ही हेनरिक क्लासेन मौजूद थे।
बैटिंग बनाम बॉलिंग संतुलन
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अभिवन ने बात करते हुए कहा कि अगर इस टीम की बैटिंग 10 है तो बॉलिंग 1 है और इसमें बहुत बड़ा फर्क है। हैदराबाद की बैटिंग दूसरी टीमों को मुश्किल में डाल सकती है और इस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत बैटिंग लाइनअप है। सिर्फ इसी वजह से वे हैदराबाद की सपाट पिच पर काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं, लेकिन बॉलिंग के मामले में उनकी टीम काफी कमजोर है।
हैदराबाद की गेंदबाजी है अनुभवहीन
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अभिनव ने आगे कहा कि उनके पास ऐसे कई खिलाड़ी हैं जिन्होंने आईपीएल में अभी तक खेला भी नहीं है। आप ऑक्शन में बहुत सारा पैसा लेकर आए थे, लेकिन आपने उसे लियाम लिविंगस्टोन पर खर्च कर दिया, जबकि आपके पास पहले से ही क्लासेन, हेड और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ी मौजूद थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अभिनव ने आगे कहा कि उनके पास एक बहुत ही अनुभवहीन बॉलिंग लाइनअप है, जिसमें ऐसे खिलाड़ी हैं जो फर्स्ट-क्लास टीमों में भी जगह नहीं बना पा रहे हैं। इनमें से कई खिलाड़ियों को सिर्फ ट्रायल्स में की गई स्काउटिंग के आधार पर चुना गया है।
टीम चयन पर उठे सवाल, किस तरह बनाई गई ये टीम?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अभिनव मुकुंद ने कहा कि उन्हें हैरानी है कि टीम का संयोजन इस तरह से क्यों किया गया है। उनके मुताबिक, सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले शानदार प्रदर्शन किया था, जब टीम में भुवनेश्वर कुमार और टी नटराजन जैसे गेंदबाज मौजूद थे, जिन्होंने बेहतरीन योगदान दिया। अब स्थिति यह है कि हर्षल पटेल और जयदेव उनादकट को ही गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभालनी होगी। मुकुंद का मानना है कि इन खिलाड़ियों पर ज्यादा जिम्मेदारी और प्रदर्शन का दबाव रहेगा, लेकिन साथ ही उन्हें टीम के अन्य खिलाड़ियों से बेहतर सहयोग मिलने की भी जरूरत होगी।


