नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क टेस्ट क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। 36 वर्षीय स्टार्क ने अब तक 105 टेस्ट मैचों में 433 विकेट हासिल किए हैं और वह टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की ऑल-टाइम सूची में 12वें स्थान पर मौजूद हैं।
इस महीने के आखिर में ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज में स्टार्क के पास इतिहास रचने का सुनहरा मौका होगा। उन्हें भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव (434 विकेट) का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए सिर्फ दो विकेट की जरूरत है। वहीं दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज डेल स्टेन (439 विकेट) को पीछे छोड़ने के लिए भी वह बेहद करीब हैं। अगर स्टार्क सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हैं तो वह टेस्ट क्रिकेट के टॉप-10 विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में अपनी जगह पक्की कर सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मिचेल स्टार्क ने कहा कि ऐसे महान खिलाड़ियों के साथ नाम लिया जाना सम्मान की बात है और इसका मतलब है कि उन्होंने काफी क्रिकेट खेला है। मिचेल स्टार्क ने कहा, ‘‘इसका मतलब है कि मैंने काफी क्रिकेट खेला है। उन खिलाड़ियों के साथ मेरा नाम लिया जाना बहुत अच्छा और सम्मान की बात है।’’ मिचेल स्टार्क ने कहा, ‘‘…हालांकि, जब आप खेल रहे होते हैं तो इन बातों का बहुत ज्यादा मतलब नहीं होता। आप बहुत आगे की नहीं सोचते।’’ मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकल में मिचेल स्टार्क आठ मैचों में 46 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। वह ऑस्ट्रेलिया के कट्टर प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड के खिलाफ 2025-26 एशेज सीरीज में भी सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे।
मिचेल स्टार्क के 433 विकेट का मतलब है कि केवल तीन ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने उनसे ज्यादा टेस्ट विकेट लिए हैं। उनमें शेन वॉर्न (708), नाथन लियोन (567) और ग्लेन मैक्ग्रा (563) हैं। मिचेल स्टार्क ने अपनी सोच और लगातार सुधार करने की अहमियत के बारे में बात की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मिचेल स्टार्क ने कहा, ‘‘जब आप 36 साल के होते हैं और 16 साल से खेल रहे होते हैं तो आप यही सोचते हैं कि आपने कुछ सुधार किया है या किसी चीज में बेहतर हुए हैं। आप इतने लंबे समय तक इसलिए टिके रहते हैं क्योंकि आप खुद को विकसित कर पाते हैं, सीख पाते हैं और सुधार कर पाते हैं और आप इसमें कुछ चीजें जोड़ते हैं, जैसे वॉबल सीम, कंसिस्टेंसी और अन्य चीजें। इन सब चीजों को लेकर मेरी सोच बिल्कुल साफ है।’’
ऑस्ट्रेलिया 13 अगस्त से डार्विन में बांग्लादेश के खिलाफ पहला टेस्ट खेलेगा। इसके बाद वह साउथ अफ्रीका में तीन टेस्ट की सीरीज खेलेगा। फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ चार टेस्ट की सीरीज और भारत के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में पांच टेस्ट मैच खेलेगा। मिचेल स्टार्क ने पिछले साल 17.32 के औसत से 55 विकेट लिए, जो किसी कैलेंडर ईयर में उनका अब तक का सबसे अच्छा औसत था। साल 2022 से मिचेल स्टार्क शानदार लय में नजर आए हैं। इस दौरान उन्होंने 41 टेस्ट मैचों में 164 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई की है। लगातार बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत वह अब टेस्ट क्रिकेट के सबसे सफल गेंदबाजों की सूची में और ऊपर पहुंचने की दहलीज पर खड़े हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अपने खेल और मानसिकता को लेकर स्टार्क ने कहा, “मेरी भाषा के लिए माफ कीजिए, लेकिन मेरा मानना है कि बेकार की बातों को भूल जाना चाहिए। आप कभी भी उतने अच्छे या उतने बुरे नहीं होते, जितना आप खुद या दूसरे लोग आपको मान लेते हैं। अगर कुछ गलत होता है या मुझे कुछ गलत लगता है, तो मैं आज भी शिकायत करता हूं, लेकिन फिर जल्दी आगे बढ़ जाता हूं।” मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्टार्क का मानना है कि आलोचनाओं में उलझने के बजाय अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना ही लंबे करियर की सबसे बड़ी कुंजी है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मिचेल स्टार्क ने कहा, “पिछले समर सीजन की शुरुआत में, यहां तक कि एशेज सीरीज शुरू होने से एक दिन पहले तक भी मुझे नहीं लग रहा था कि सब कुछ सही चल रहा है।” हालांकि, उन्होंने माना कि ऑस्ट्रेलियाई टीम की सबसे बड़ी ताकत यही रही है कि खिलाड़ी अच्छे या बुरे दिन में ज्यादा नहीं उलझते। चाहे कोई ओवर शानदार हो या स्पेल खराब, टीम का मंत्र हमेशा एक ही रहता है—जो हो गया, उसे पीछे छोड़ो और आगे बढ़ो।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्टार्क ने कहा कि क्रिकेट में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि खिलाड़ी वर्तमान में क्या बदल सकता है, उसी पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई टीम के माहौल की तारीफ करते हुए कहा कि यह सोच टीम के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड और कप्तान पैट कमिंस की नेतृत्व शैली का परिणाम है। उनके अनुसार, यही सकारात्मक मानसिकता ऑस्ट्रेलियाई टीम को लगातार सफल बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।


