वाराणसी: दक्षिण कोरिया में आयोजित वर्ल्ड पैरा निशानेबाजी में काशी की बेटी सुमेधा पाठक ने 10 मीटर पिस्टल की टीम स्पर्धा में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुमेधा ने 10 मीटर पिस्टल की एकल स्पर्धा में स्वर्ण और मिक्स में कांस्य पदक जीत देश का नाम रोशन किया है। इस जीत के साथ सुमेधा के पदकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। ऐसा करने वाली वह प्रदेश की पहली पैरा महिला खिलाड़ी बन गईं हैं। सुमेधा पाठक ने इस जीत का श्रेय बाबा काशी विश्वनाथ और माता-पिता और कोच को दिया है।
उन्होंने बताया कि विदेशी धरती पर स्वर्ण जीतना का सपना बाबा काशी विश्वनाथ की कृपा से संभव हुआ है। 10 मीटर टीम स्पर्धा दूसरा स्थान कोरिया जबकि तीसरा स्थान चीनी ताइपे को मिला है। इसमें सुमेधा ने 1695 अंक हासिल कर वर्ल्ड रिकाॅर्ड बनाया है। दसवीं में पढ़ाई के दौरान 2013 में उन्हें मल्टी ड्रग ट्यूबरक्लॉसिस बीमारी ने अटैक किया और शरीर के निचले हिस्से में कमर से लेकर पैरों तक ने काम करना बंद कर दिया। उन्होंने 11वीं से निशानेबाजी में कदम बढ़ाया और 10 मीटर एयर पिस्टल वर्ग में अभ्यास शुरू किया। 2018 में प्री-स्टेट शूटिंग में स्वर्ण जीता।
प्रादेशिक के बाद मद्रास में जीवी मावलंकर में कांस्य पदक जीता। 2021 में दूसरे पैरा नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने तीसरे और चौथे पैरा नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण जीता। 2022 में फ्रांस के सेटूरेक्स वर्ल्ड कप और कोरिया में टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। 2023 में चीन में एशियन गेम्स की शूटिंग प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंची और सातवां स्थान हासिल किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया में पदक जीतकर सुमेधा पाठक शनिवार शाम तीन बजे बाबतपुर पहुंचेगी। यहां मेयर अशोक तिवारी उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद नगर में जगह जगह उनका स्वागत होगा। पिता बृजेश पाठक ने बताया वे शनिवार दोपहर दिल्ली से इंडिगो विमान में सवार होकर शाम तीन बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचेगी। यहां उनका फूल माला पहनाकर स्वागत होगा।


