लंदन. इंग्लैंड में क्रिकेट की पहुंच को व्यापक बनाने के उद्देश्य से इस सप्ताह एक ऐतिहासिक प्रतियोगिता ‘बार्कलेज नाइट-स्टोक्स कप’ (Barclays Knight-Stokes Cup) का शुभारंभ हो रहा है। यह टूर्नामेंट विशेष रूप से सरकारी स्कूलों (State Schools) के लिए आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य लक्ष्य उन प्रतिभाओं को सामने लाना है जो महंगे निजी स्कूलों के बुनियादी ढांचे से दूर हैं। इस प्रतियोगिता का नाम इंग्लैंड के दो दिग्गज कप्तानों, हीथर नाइट और बेन स्टोक्स के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने खुद सरकारी स्कूलों से शिक्षा प्राप्त की है।
एमसीसी (MCC) द्वारा आयोजित इस उद्घाटन अंडर-15 टूर्नामेंट में 820 माध्यमिक सरकारी स्कूलों की 1,100 से अधिक लड़के और लड़कियों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता की शुरुआत सरे और वार्विकशायर में पहले दौर के मुकाबलों के साथ होगी, जबकि इसका भव्य फाइनल 10 सितंबर को ‘क्रिकेट के मक्का’ कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर खेला जाएगा। एमसीसी के अध्यक्ष एड स्मिथ ने इस पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि टीमों की भागीदारी उम्मीद से कहीं अधिक रही है, जो इस पहल की सफलता को दर्शाती है।
इस कप का प्राथमिक उद्देश्य खेल की पहुंच को बढ़ाना और क्रिकेट के माध्यम से नए टैलेंट की पहचान करना है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, इंग्लैंड की टेस्ट टीम के अधिकांश खिलाड़ी निजी स्कूलों से आते हैं, ऐसे में नाइट-स्टोक्स कप इस असंतुलन को दूर करने के लिए एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक (Catalyst) साबित हो सकता है। एड स्मिथ का मानना है कि स्कूल के माहौल में क्रिकेट खेलने से उन बच्चों को भी मौका मिलेगा जिनके माता-पिता उन्हें निजी क्लबों तक ले जाने में सक्षम नहीं हैं। टूर्नामेंट के अंतिम चरणों का प्रसारण भी किया जाएगा, जिससे युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बड़ा मंच मिलेगा।


