नई दिल्ली: भारतीय टेनिस में बीते कुछ दिनों से एक नाम लगातार सुर्खियों में है। नाम है माया रामेश्वरन। 15 साल की इस खिलाड़ी ने अपने खेल से सनसनी मचाई है। अपनी आदर्श सानिया मिर्जा की तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम बनाने का सपना देखने वाली माया के सफर की शुरुआत शानदार रही है।
ऐसा करने वाली भारत की सबसे युवा महिला खिलाड़ी
माया ने मुंबई ओपन 125 के सेमीफाइनल में जगह बनाई। माया राजेश्वरन का स्वप्निल सफर शनिवार को जिल टीचमैन के खिलाफ सीधे सेटों में हार के साथ समाप्त हो गया। राजेश्वरन का टूर्नामेंट में सफर प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने इटली की वर्ल्ड नंबर 264 निकोल फोसा ह्यूर्गो को तीन सेट के चुनौतीपूर्ण मैच (6-3, 3-6, 6-0) में हराया। इसके बाद उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका की वर्ल्ड नंबर 434 जेसिका फेला को 7-6(9), 1-6, 6-4 के स्कोर से हराया। इस टूर्नामेंट में वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली थी। इस टूर्नामेंट में उन्होंने इस प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने डबल्यूटीए पॉइंट हासिल किया है। वह ऐसा करने वाली भारत की सबसे युवा महिला खिलाड़ी हैं। यह उनके करियर का महज पांचवां ही टूर्नामेंट है।
कैसे शुरू हुआ टेनिस का सफर
माया का जन्म 12 जून 2009 को तमिलनाडु के कॉइंबाटूर में हुआ। स्कूल में ही आठ साल की उम्र में ही उन्हें पहली बार टेनिस को जानने का मौका मिला। वह स्कूल के बाद एक्टीविटी के तौर पर टेनिस खेलने लगी। इसके बाद उन्होने भारत के पूर्व नंबर वन खिलाड़ी केजी रमेश के साथ टेनिस ट्रेनिंग शुरू की और फिर प्रो सर्व टेनिस अकेडमी में मनोज कुमार के साथ टेनिस सीखा।
माया भारत की दिग्गज खिलाड़ी सानिया मिर्जा को आदर्श मानती हैं
माया भारत की दिग्गज खिलाड़ी सानिया मिर्जा और बेलारुस की आर्यना सबलेंका को अपना आदर्श मानती है। उनका खेलने का स्टाइल भी वैसा ही है। वह बेसलाइन पर दबदबा दिखाती हैं और साथ ही नेट पर ही बड़े आत्मविश्वास के साथ खेलती हैं। माया इस समय स्पेन में हैं। अपने प्रदर्शन के दम पर ही उन्होंने राफेल नाडेल अकेडमी के साथ एक साल का करार हासिल किया। इस अकेडमी में उन्हें राफेल नडाल के ट्रेनिंग सेशन को करीब से देखने का मौका मिला। अब वह अपनी प्रतिभा को निखार कर सानिया मिर्जा की तरह देश का नाम रोशन करने का सपना देख रही है।