नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व कमिश्नर Lalit Modi ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मौजूदा IPL फॉर्मेट के कारण हर सीजन करीब 2,400 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है और यह व्यवस्था उस मॉडल से अलग है, जिसे शुरुआत में तैयार और बेचा गया था।
उन्होंने एक स्पोर्ट्स मैगजीन को दिए इंटरव्यू में कहा कि पहले IPL को होम-एंड-अवे फॉर्मेट के साथ डिजाइन किया गया था, जिसमें हर टीम एक-दूसरे से दो बार खेलती। 10 टीमों के साथ लीग में 90 मैच और नॉकआउट मुकाबले शामिल होने थे, लेकिन बाद में मैचों की संख्या घटाकर 74 कर दी गई।
मोदी के मुताबिक, कम मैच होने से फ्रेंचाइजी और लीग दोनों की कमाई पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि हर मैच से मिलने वाले राजस्व में BCCI का 50 प्रतिशत हिस्सा जाता है, जबकि बाकी 50 प्रतिशत टीमों में बांटा जाता है। उनका दावा है कि मैचों की संख्या कम होने से टीमों को भी लगभग 20 मैचों के बराबर संभावित कमाई का नुकसान होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर लीग को मूल होम-एंड-अवे फॉर्मेट में 94 मैचों तक बढ़ाया जाता, तो मीडिया राइट्स से करीब 2,400 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय संभव थी। इससे न केवल BCCI की कमाई बढ़ती, बल्कि हर फ्रेंचाइजी की वैल्यू भी बेहतर होती।
Lalit Modi ने IPL की शुरुआत और उसके शुरुआती ढांचे का श्रेय खुद को देते हुए यह भी सवाल उठाया कि क्या मौजूदा बदलाव सभी फ्रेंचाइजियों की सहमति से किए गए थे। गौरतलब है कि Lalit Modi को 2010 में IPL के तीसरे सीजन के बाद BCCI ने निलंबित कर दिया था। इसके बाद वे भारत छोड़कर लंदन चले गए। उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग, FEMA उल्लंघन और खिलाड़ियों की बोली में हेराफेरी जैसे आरोपों की जांच भी चल रही है।


