पटना, बिहार | बिहार क्रिकेट डेवलपमेंट एसोसिएशन द्वारा दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया के तत्वावधान में दिनांक 11 एवं 12 फरवरी को ऊर्जा स्टेडियम, पटना में दिव्यांग चैलेंजर ट्रॉफी 2026 का भव्य एवं सफल आयोजन सम्पन्न हुआ। इस राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट प्रतियोगिता में बिहार, जम्मू-कश्मीर एवं मध्य प्रदेश की टीमों ने सहभागिता की। डे–नाइट प्रारूप में खेले गए फाइनल मुकाबले में मध्य प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जम्मू-कश्मीर को 2 विकेट से पराजित कर ऐतिहासिक विजय दर्ज की।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए जम्मू-कश्मीर की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 200 रन बनाकर 3 विकेट खोए। राहुल शर्मा ने नाबाद 89 रन तथा आकीब मलिक ने 43 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, जिससे मध्य प्रदेश के सामने 201 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा गया। मध्य प्रदेश की ओर से गेंदबाजों ने अनुशासित एवं प्रभावी प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीम को नियंत्रित रखा।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी मध्य प्रदेश की टीम ने दबाव की स्थिति में भी आत्मविश्वास बनाए रखा। मैच का निर्णायक क्षण तब आया जब संजय साकेत एवं लकी कडारिया ने मात्र 44 गेंदों में 116 रनों की विस्फोटक एवं रिकॉर्ड साझेदारी कर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। लकी कडारिया ने 20 गेंदों पर 67 रन तथा संजय साकेत ने 25 गेंदों पर 48 रन बनाकर टीम को जीत की मजबूत स्थिति में पहुंचाया। मध्य प्रदेश ने मात्र 18 ओवरों में 202 रन बनाकर लक्ष्य हासिल करते हुए ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस ऐतिहासिक जीत में कप्तान माखन सिंह राजपूत की सूझबूझ भरी कप्तानी, अंकित सिंह के अनुभव तथा पूरी टीम के सामूहिक प्रयास की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिससे इतना बड़ा लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त किया जा सका।
फाइनल मुकाबले में उत्कृष्ट बल्लेबाजी एवं उपयोगी गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए लकी कडारिया को “मैन ऑफ द मैच” घोषित किया गया। शानदार विकेटकीपिंग, सटीक कैच एवं स्टंपिंग के लिए मध्य प्रदेश के वेदांत गुप्ता को “सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर पुरस्कार” प्रदान किया गया, जबकि बेहतरीन क्षेत्ररक्षण के लिए संजय साकेत को “सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षक पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। पूरे टूर्नामेंट में मध्य प्रदेश के हरफनमौला खिलाड़ी अंकित सिंह बघेल ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 130 रन बनाए एवं 9 विकेट हासिल किए। उनके निरंतर उत्कृष्ट खेल के लिए उन्हें “मैन ऑफ द सीरीज़”, “सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज” तथा दो बार “मैन ऑफ द मैच” के पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
मध्य प्रदेश टीम के कोच अंकित रॉकी शर्मा ने कहा, “यह जीत खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और टीमवर्क का परिणाम है। हमारे खिलाड़ियों ने सिद्ध कर दिया कि हौसलों के सामने कोई लक्ष्य बड़ा नहीं होता। यह पूरे मध्य प्रदेश और दिव्यांग क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है।” दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों ने टीम को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी। मध्य प्रदेश की यह सफलता दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरी है तथा खेल जगत में लंबे समय तक स्मरणीय रहेगी।

