नई दिल्ली. काउंटी क्रिकेट में यॉर्कशायर की ओर से शानदार प्रदर्शन करने के बाद मयंक अग्रवाल अब रणजी ट्रॉफी 2025-26 में कर्नाटक की कप्तानी के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ग्वालियर में सौराष्ट्र के खिलाफ बुधवार से कर्नाटक का अभियान शुरू होगा।
मयंक ने हाल ही में काउंटी चैंपियनशिप में डरहम के खिलाफ 175 रनों की दमदार पारी खेली थी, जिससे उनकी टीम डिवीजन वन में बनी रही। उन्होंने पांच पारियों में 201 रन बनाए। इंग्लैंड की कठिन परिस्थितियों में यह अनुभव उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला साबित हुआ। अग्रवाल कहते हैं, “इंग्लैंड में रन बनाना एक अलग अनुभव था। वहां गेंद और हालात दोनों चुनौतीपूर्ण थे। जब मुझे डरहम के खिलाफ शुरुआत मिली, तो मैंने उसे बड़े स्कोर में बदला। यही सबसे जरूरी था।
मौके के लिए हमेशा तैयार रहते हैं मयंक
मयंक का करियर कई अप्रत्याशित कॉल्स से भरा है। दिसंबर 2018 में उन्हें अचानक पृथ्वी शॉ की जगह ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज के लिए बुलाया गया था, जहां उन्होंने एमसीजी पर अपने डेब्यू में 76 रनों की पारी खेली। इस साल की शुरुआत में भी वह ओमान में थे, जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने उन्हें देवदत्त पडिक्कल के रिप्लेसमेंट के रूप में बुलाया। उन्होंने तुरंत टीम से जुड़कर अहम योगदान दिया और IPL 2025 में जितेश शर्मा के साथ मिलकर लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 23 गेंदों पर नाबाद 41 रन बनाए।मयंक कहते हैं, “मुझे हमेशा अचानक बुलावा आता है, लेकिन मैं हर मौके के लिए तैयार रहता हूं। RCB के लिए फिर से खेलना शानदार अनुभव था और मुझे गर्व है कि मैं टीम की जीत में योगदान दे सका।”
तीसरे रणजी सीज़न में फिर कप्तान की भूमिका
अब मयंक एक बार फिर कर्नाटक के कप्तान के तौर पर रणजी सीजन शुरू कर रहे हैं। यह उनका कप्तान के रूप में तीसरा सीजन है, लेकिन जोश और उत्साह पहले जैसा ही है।उन्होंने कहा, “हमने अच्छी तैयारी की है। टीम संतुलित है और खिलाड़ी आत्मविश्वास में हैं। मुझे विश्वास है कि हम इस बार खिताब के प्रबल दावेदार होंगे।” परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने और हर मौके को भुनाने की क्षमता ही मयंक अग्रवाल की सबसे बड़ी ताकत है। चाहे टेस्ट हो, IPL या काउंटी—हर स्तर पर वे अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का हुनर रखते हैं।

