नई दिल्ली : जापान के नागोया मे एशियन पैरा गेम्स के दौरान भारतीय पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिर गए हैं। कभी अपने इवेंट में विश्व नंबर-1 रहे 40 वर्षीय शम्स आलम को कथित घटना के एक दिन बाद मंगलवार यानी 20 अक्टूबर 2026 को जापान से भारत भेज दिया गया। इस मामले में पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया शम्स आलम के खिलाफ आजीवन प्रतिबंध लगाने पर विचार कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के मुताबिक लिखा है कि भारतीय दल के प्रमुख कार्यालय ने उनके खिलाफ आजीवन प्रतिबंध की सिफारिश की है। इस पर अंतिम फैसला भारत लौटने के बाद दिल्ली में होने वाली बैठक में लिया जाएगा।
नागोया में एशियाई पैरा खेलों में हिस्सा ले रहे भारतीय दल को उस समय शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा, जब पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख को जापानी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उन पर होटल की एक महिला कर्मचारी के साथ यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ करने का आरोप है। कथित घटना के एक दिन बाद 40 वर्षीय तैराक को भारत भेज दिया गया। नागोया में भारतीय दल के साथ मौजूद और पूरे मामले को संभालने वाले PCI के पदाधिकारी ने इस कथित दुर्व्यवहार को निंदनीय और असहनीय बताया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी खिलाड़ी के ऐसे व्यवहार को किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पदाधिकारी ने बताया कि एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा ले रहे भारतीय दल की छवि खराब करने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश को शर्मिंदगी में डालने के मामले में शम्स आलम पर आजीवन प्रतिबंध लग सकता है। उनके मुताबिक, यह घटना सोमवार को फोर पॉइंट्स बाय शेरेटन होटल में हुई। इसी होटल में भारतीय पैरा तैराकी टीम ठहरी हुई थी। आरोप है कि होटल की एक महिला कर्मचारी शम्स आलम के कमरे में साफ-सफाई का काम कर रही थी, तभी कथित तौर पर यह घटना हुई।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पदाधिकारी ने बताया कि स्थानीय आयोजन समिति (LOC) ने भारतीय दल के प्रमुख (चीफ डी मिशन यानी CDM) के कार्यालय को इस घटना की जानकारी दी। समिति ने बताया कि होटल में यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ की कथित घटना हुई है और स्थानीय पुलिस ने एक भारतीय खिलाड़ी को हिरासत में लिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पदाधिकारी ने बताया, जब हम होटल पहुंचे तो वहां पहले से ही पुलिस और होटल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। हमें बताया गया कि खिलाड़ी ने महिला हाउसकीपिंग कर्मचारी को अनुचित तरीके से छुआ, अश्लील इशारे किए, उन्हें पकड़ने की कोशिश की और यौन संबंध बनाने की पहल की। महिला कर्मचारी वहां से तुरंत बाहर निकलीं और अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। पुलिस और होटल के कर्मचारियों ने हमें यही बताया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पदाधिकारी के मुताबिक, भारतीय दल ने होटल प्रबंधन और महिला कर्मचारी से माफी मांगी। शिकायत के बाद पुलिस ने शम्स आलम को हिरासत में लेकर स्थानीय थाने पहुंचाया। पदाधिकारी ने बताया कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने और अदालत में पेश करने की मांग कर रही थी। इसके बाद स्थानीय आयोजन समिति (LOC) ने मामले में हस्तक्षेप किया।
भारतीय दल से महिला कर्मचारी को लिखित माफीनामा देने और खिलाड़ी को जापान से भेजने के लिए कहा गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पदाधिकारी, शम्स आलम को रात बिताने के लिए दूसरे होटल में ठहराया गया और मंगलवार को नागोया से दोपहर करीब दो बजे रवाना होने वाली पहली उपलब्ध उड़ान में उनका टिकट बुक कराया गया। पदाधिकारी के दावे के मुताबिक, लिखित माफीनामा देने जाने के बाद शम्स आलम को रिहा कर दिया गया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पदाधिकारी ने बताया, पुलिस ने अपनी आधिकारिक शिकायत में यौन अपराध के आरोप को जापानी भाषा में स्पष्ट रूप से दर्ज किया था। मैंने खुद वह शिकायत देखी थी, इसलिए इसकी पुष्टि कर सकता हूं। पदाधिकारी ने कहा कि इस घटना के कारण भारतीय दल के वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान खेलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन से हटकर इस मामले को संभालने पर लग गया। उन्होंने कहा, खेलों और हमारे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर ध्यान देने के बजाय हमें कई घंटे पुलिस थाने और बाद में होटल परिसर में अधिकारियों को समझाने में बिताने पड़े। इस दौरान सभी के सामने हमें शर्मिंदगी झेलनी पड़ी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पदाधिकारी के मुताबिक, जब भारतीय दल के सदस्य दोबारा होटल पहुंचे तो महिला कर्मचारी गहरे सदमे में दिखाई दे रही थी। होटल प्रबंधन और स्थानीय आयोजन समिति (LOC) ने भारत से इस मामले में की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी मांगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भारत की ओर से की गई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुए तो वे औपचारिक कानूनी कार्यवाही कर सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पदाधिकारी ने बताया कि पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) ने प्रस्तावित कार्रवाई के बारे में नई दिल्ली में केंद्र सरकार को जानकारी दे दी है। खेलों के समापन के बाद PCI के पदाधिकारी, पैरा तैराकी से जुड़े प्रशासक और भारतीय दल के सदस्य इस मामले पर चर्चा करेंगे। इसके बाद वे खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) को कड़ी कार्रवाई की सिफारिश करेंगे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पदाधिकारी ने कहा, चीफ डी मिशन (CDM) के कार्यालय ने पहले ही आजीवन प्रतिबंध लगाने की सिफारिश कर दी है। भारत लौटने के बाद दिल्ली में होने वाली बैठक में इस पर औपचारिक फैसला लिया जाएगा। बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाले शम्स आलम मुंबई के धारावी इलाके में परिवार के साथ रहते हैं। शम्स आलम को बुधवार को होने वाली अपनी निर्धारित स्पर्धाओं में हिस्सा लिए बिना ही भारत भेजा गया।
वर्ल्ड पैरा स्विमिंग के रिकॉर्ड के मुताबिक, शम्स आलम पुरुषों की 100 मीटर बटरफ्लाई (S5) और 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक (SB4) स्पर्धाओं में विश्व नंबर-1 रह चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शम्स आलम ने 2018 में जकार्ता में हुए एशियन पैरा गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। पिछले साल रेक्जाविक इंटरनेशनल गेम्स में शम्स आलम ने 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में स्वर्ण पदक जीता था और भारतीय तथा एशियाई रिकॉर्ड बनाए थे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बता दें कि नागोया में ही आयोजित सामान्य एशियन गेम्स के दौरान भारतीय हॉकी अंपायर और तकनीकी अधिकारी गुरिंदर सिंह सांघा को भी यौन दुर्व्यवहार और उत्पीड़न की शिकायतों के बाद स्वदेश भेज दिया गया था। उनके खिलाफ मलेशिया की एक हॉकी अधिकारी और होटल के एक कर्मचारी ने शिकायत की थी।


