इंदौर, मध्य प्रदेश, 14 जून: आदित्य बिड़ला ग्रुप मध्य प्रदेश लीग (एमपीएल) टी20 सिंधिया कप 2026 में चंबल घड़ियाल्स ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए डेली कॉलेज, इंदौर में इंदौर पिंक पैंथर्स को चार विकेट से हराकर टूर्नामेंट में अपना अजेय अभियान बरकरार रखा। यह उनकी लगातार छठी जीत रही और टीम ने 100 प्रतिशत जीत का रिकॉर्ड कायम रखा।
चंबल घड़ियाल्स के गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए इंदौर पिंक पैंथर्स को 20 ओवर में 120 रन पर समेट दिया। पैंथर्स की शुरुआत बेहद खराब रही और दूसरे ओवर में ही टीम 5 रन पर 2 विकेट गंवा बैठी, जिसमें स्टार बल्लेबाज वेंकटेश अय्यर का विकेट भी शामिल था। इसके बाद सिद्धार्थ पाटीदार और आयाम वर्मा ने 44 रन की साझेदारी कर पारी को संभालने की कोशिश की।
सिद्धार्थ पाटीदार 17 गेंदों पर 22 रन बनाकर रन आउट हुए, जिसके बाद पैंथर्स की पारी फिर लड़खड़ा गई। आयाम वर्मा ने 27 गेंदों पर 21 रन और शुभम राठौर ने 16 गेंदों पर तेज़ 22 रन का योगदान दिया।
चंबल घड़ियाल्स की ओर से त्रिपुरेश सिंह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट लिए। अमन भदौरिया और संदीप सिंह ने 2-2 विकेट हासिल किए, जबकि मयूर पटेल ने 3 ओवर में मात्र 14 रन देकर 1 विकेट लिया।
इस प्रदर्शन के साथ त्रिपुरेश सिंह 6 मैचों में 13 विकेट लेकर टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए और पर्पल कैप पर कब्जा जमा लिया।
121 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चंबल घड़ियाल्स की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। अपूर्व द्विवेदी 2 गेंदों में 1 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि कप्तान शुभम शर्मा भी 6 गेंदों पर 10 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। मध्यक्रम भी लय नहीं पकड़ सका और टीम 16वें ओवर में 107/6 के स्कोर पर संघर्ष करती नजर आई।
हालांकि, गौतम रघुवंशी और अमन भदौरिया ने संयम बनाए रखा और टीम को किसी और झटके से बचाते हुए जीत दिलाई। गौतम रघुवंशी 25 गेंदों पर 32 रन बनाकर नाबाद रहे और टीम को एक और जीत तक पहुंचाया। इंदौर पिंक पैंथर्स की ओर से अन्वेष चावला ने 4 ओवर में 32 रन देकर 4 विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज रहे।
मैच के बाद त्रिपुरेश सिंह ने कहा कि, “सच कहूं तो पर्पल कैप हासिल करना अच्छी उपलब्धि है, लेकिन मुझे ज्यादा खुशी इस बात की है कि हमारी टीम जीती। भले ही हमने कुछ विकेट गंवाए, लेकिन डगआउट का माहौल पूरे समय सकारात्मक बना रहा।”
वहीं दिन के दूसरे हाई-स्कोरिंग मुकाबले में रॉयल निमाड़ ईगल्स ने उज्जैन फाल्कन्स को 27 रन से पराजित किया।
पहले बल्लेबाजी करते हुए ईगल्स ने 20 ओवर में 3 विकेट पर 252 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। धर्मेश पटेल और हिमांशु मंत्री ने तेज शुरुआत देते हुए पहले पांच ओवरों में 50 रन जोड़ दिए। धर्मेश पटेल ने 21 गेंदों पर 34 रन बनाए, जबकि हिमांशु मंत्री 12 गेंदों पर 17 रन बनाकर आउट हुए।
इसके बाद कनिष्क दुबे और आनंद बैस ने पारी की कमान संभाल ली। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 106 रन की शानदार साझेदारी कर फाल्कन्स के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। कनिष्क दुबे ने 31 गेंदों पर 57 रन बनाए, जिसमें 5 छक्के और 2 चौके शामिल रहे। आनंद बैस ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखते हुए 40 गेंदों पर 78 रन बनाकर नाबाद रहे। उनकी पारी में 6 चौके और 4 छक्के शामिल थे। उन्हें अभिषेक मावी का बेहतरीन साथ मिला, जिन्होंने केवल 17 गेंदों में नाबाद 55 रन ठोक दिए। मावी ने अपनी विस्फोटक पारी में 8 छक्के और 1 चौका लगाया, जिसकी बदौलत ईगल्स 250 रन के आंकड़े को पार करने में सफल रहे।
जवाब में उज्जैन फाल्कन्स की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान चंचल राठौर और यश दुबे पहले तीन ओवरों में ही आउट हो गए और टीम का स्कोर 22/2 हो गया। लगातार विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई। शीर्ष क्रम में ओजस्व यादव ने अकेले संघर्ष करते हुए 23 गेंदों पर 45 रन बनाए, लेकिन उनके आउट होने तक टीम का स्कोर 101 रन पर 5 विकेट हो चुका था। इसके बाद अंकुर चौहान और ऋषि मिगलानी ने कुछ बड़े शॉट्स लगाकर मुकाबले में वापसी की कोशिश की। मिगलानी ने 13 गेंदों पर 29 रन बनाए, जबकि अंकुर चौहान ने 29 गेंदों में 50 रन की जुझारू पारी खेली। अंत में हर्षवर्धन हार्डिया ने 12 गेंदों पर नाबाद 41 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मुकाबले को रोचक बनाया, लेकिन फाल्कन्स की टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 225 रन ही बना सकी और 27 रन से मुकाबला हार गई।
अपनी शानदार पारी के बाद आनंद बैस ने कहा कि, “हमारे ओपनर्स ने हमें बेहतरीन शुरुआत दी, जिससे हम अपनी योजना के अनुसार पारी को आगे बढ़ा सके। हमारा लक्ष्य पावरप्ले में सकारात्मक क्रिकेट खेलना, स्ट्राइक रोटेट करना और सोच-समझकर जोखिम लेना था। हमें पता था कि अगर आखिरी ओवरों तक विकेट हाथ में रहे तो हमारा मध्यक्रम और फिनिशर्स तेजी से रन बना सकते हैं। हमारी यही रणनीति सफल रही।”


