ढाका। कभी स्पिन गेंदबाजी पर पूरी तरह निर्भर रहने वाला बांग्लादेश अब तेज गेंदबाजों की बदौलत टेस्ट क्रिकेट में नई पहचान बना रहा है। पाकिस्तान के खिलाफ ढाका टेस्ट में बांग्लादेश की जीत में तेज गेंदबाजों ने अहम भूमिका निभाई। युवा तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने मैच में पांच विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया, जबकि तस्कीन अहमद और एबादोत हुसैन ने भी विपक्षी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। पिछले कुछ वर्षों में बांग्लादेश की तेज गेंदबाजी इकाई ने जिस तरह प्रगति की है, उसने टीम की सोच और रणनीति दोनों बदल दी हैं।
एक समय ऐसा था जब बांग्लादेश घरेलू मैदानों पर सिर्फ स्पिनरों के भरोसे उतरता था। 2016 से 2021 के बीच टीम ने कई टेस्ट मैचों में तेज गेंदबाजों का बहुत कम इस्तेमाल किया। लेकिन पूर्व कप्तान मोमिनुल हक, कोच रसेल डोमिंगो और बाद में एलन डोनाल्ड जैसे दिग्गजों ने तेज गेंदबाजी को नई दिशा दी। तस्कीन अहमद की कोविड काल के बाद शानदार वापसी ने युवा गेंदबाजों को प्रेरित किया। इसके बाद शोरीफुल इस्लाम, हसन महमूद और नाहिद राणा जैसे गेंदबाज तेजी से उभरकर सामने आए।
अब बांग्लादेश की टीम सिर्फ स्पिन नहीं, बल्कि 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले तेज गेंदबाजों के लिए भी पहचानी जा रही है। पाकिस्तान के खिलाफ हालिया जीत ने साफ कर दिया है कि बांग्लादेश क्रिकेट में तेज गेंदबाजी का नया दौर शुरू हो चुका है और आने वाले समय में यह टीम विश्व क्रिकेट में और मजबूत चुनौती पेश कर सकती है।


