नई दिल्ली : 44 साल बाद पंजाब को बैडमिंटन अंडर-13 नेशनल चैंपियनशिप की मेजबानी मिली है, जो जालंधर में आयोजित की जाएगी। यह राज्य में खेल परिवेश के मजबूत होने का स्पष्ट संकेत है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार लगातार काम कर रही है ताकि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों के लिए जिम और रहने की सुविधाओं को आधुनिक बनाया जा रहा है और नए उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अब पहले के मुकाबले बेहतर डाइट दी जा रही है। पहले खिलाड़ियों को ब्रेड, जैम और उबले अंडे तक सीमित रहना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें प्रोटीन युक्त संतुलित आहार दिया जाएगा। डाइट अलाउंस को 240 रुपये से बढ़ाकर 480 रुपये कर दिया गया है, ताकि खिलाड़ियों को उनकी जरूरत के अनुसार पोषण मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब खिलाड़ियों के लिए प्रोफेशनल शेफ और क्वालिफाइड स्टाफ की व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें बेहतर गुणवत्ता का भोजन मिल सके।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि राज्य में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से मजबूत किया जा रहा है। मोहाली में नई सिंथेटिक ट्रैक बनाई जा रही है, जबकि गांवों में हाकी के एस्ट्रोटर्फ मैदान तैयार किए जा रहे हैं। खिलाड़ियों की सेहत को ध्यान में रखते हुए स्पोर्ट्स मेडिसिन सिस्टम को भी मजबूत किया गया है। इसके तहत 113 नई पोस्ट बनाई गई हैं, जिनमें डॉक्टर और फिजियोथेरेपिस्ट शामिल हैं, और इनमें से 92 पदों पर भर्ती पूरी की जा चुकी है। इनके दफ्तर अमृतसर, गुरदासपुर, रूपनगर, पटियाला, लुधियाना, कपूरथला, फरीदकोट, फाजिल्का, बठिंडा और संगरूर जैसे जिलों में की गई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए एडवेंचर और ट्रैकिंग कैंप भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनकी शुरुआत 15 जनवरी से हो चुकी है और इनमें हजारों युवा हिस्सा ले रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री ने “खेड़ां वतन पंजाब दीयां” का जिक्र करते हुए कहा कि इस पहल के तहत लाखों युवा खेलों से जुड़ रहे हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि खेलों को बढ़ावा देना नशे के खिलाफ लड़ाई का अहम हिस्सा है और सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित किया जाए।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किला रायपुर के पारंपरिक खेलों का जिक्र करते हुए बताया कि लंबे समय बाद इन्हें फिर से शुरू किया गया है, जिससे लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि बैलगाड़ी दौड़ जैसी पारंपरिक खेलों पर पहले रोक लग गई थी, जिससे एक पूरी पीढ़ी इन खेलों से दूर हो गई थी। अब इन्हें दोबारा शुरू कर पंजाब की खेल विरासत को पुनर्जीवित किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि किला रायपुर में आयोजित किए जाने वाले पारंपरिक खेल सुरक्षित और नियमों के तहत किए जा रहे हैं, ताकि पशुओं के साथ किसी प्रकार की क्रूरता न हो। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि ये खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि पंजाब की संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा हैं, जो युवाओं को अपनी उपज और विरासत से जोड़ते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि किला रायपुर में आयोजित किए जाने वाले पारंपरिक खेल सुरक्षित और नियमों के तहत किए जा रहे हैं, ताकि पशुओं के साथ किसी प्रकार की क्रूरता न हो। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि ये खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि पंजाब की संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा हैं, जो युवाओं को अपनी उपज और विरासत से जोड़ते हैं।


