National Games: प्रदेश ने तलवारबाजी में बनाया नया रिकॉर्ड, एक करोड़ रुपये में लगे पांच कैमरे

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नई दिल्ली: 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करते हुए प्रदेश ने तलवारबाजी में नया रिकॉर्ड बनाया है। पहली बार भारत में तलवारबाजी खेल की रिकार्डिंग एआई इंटीग्रेटेड कैमरे से कराई जा रही है। ये कैमरे खिलाड़ी के मूवमेंट का स्वत: अनुसरण करते हैं। इससे स्कोर में विवाद की स्थिति उत्पन्न नहीं होती है।

खेल के डायरेक्टर ऑफ कम्पटीशन (डीओसी) भरत जी ठाकुर ने बताया कि तलवारबाजी में दो खिलाड़ियों के बीच लड़ाई करते हुए काफी तेज मूवमेंट होता है। तलवार टच करने मात्र से खिलाड़ी स्कोर करता है। कुछ सेकंड के अंतर से हार-जीत का फैसला होता है। अब तक तलवारबाजी में खेल की रिकॉर्डिंग के लिए हाथ से घुमाए जाने वाले जो कैमरे लगते थे, उन्हें एक व्यक्ति संचालित करता था। कई बार चूकने पर खिलाड़ियों के तेज मूवमेंट का सीन कैमरे में नहीं आ पाता था। स्कोर पर विवाद की स्थिति में कैमरे की रिकॉर्डिंग से भी स्पष्ट नहीं हो पाता था।

अब एआई इंटीग्रेटेड कैमरे पिस्ट पर खिलाड़ियों के मूवमेंट का पीछा करता है। खिलाड़ी लड़ते हुए जिस तरफ जाते हैं, कैमरा उधर ही मुड़ जाता है। रिकार्डिंग भी काफी साफ होती है। गौलापार स्टेडियम में नौ फरवरी से तलवारबाजी खेल चल रहा है। इस आयोजन में एआई इंटीग्रेटेड कैमरे का प्रयोग हो रहा है। हालांकि ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय खेलों में इन कैमरों का इस्तेमाल पहले से हो रहा है। भारत में इसका प्रयोग पहली बार हुआ है।

एक करोड़ रुपये में लगे पांच कैमरे

गौलापार स्टेडियम में तीन पिस्ट पर तलवारबाजी की पांच प्रतियोगिताएं एक साथ हो रही है। हरेक प्रतियोगिता के लिए पांच कैमरे हैं। डीओसी ठाकुर ने बताया कि उनकी मांग पर खेल निदेशालय से मिले इन पांच कैमरों और सॉफ्टवेयर की लागत करीब एक करोड़ रुपये है।

सेंसर नहीं सॉफ्टवेयर से होता है संचालन

बताया गया कि एआई इंटीग्रेटेड कैमरे का संचालन किसी सेंसर या तार से नहीं होता है। इसके लिए एआई की कंपनी ने एक सॉफ्टवेयर दिया है। उससे कैमरे को जो कमांड दी जाती है, कैमरा उसी अनुसार काम करता है।

नहीं हो पाएगी ताइक्वाडो जैसी स्थिति

पांच फरवरी को समाप्त हुए तीन दिवसीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में तीनों दिन विवादित रहे। जबकि खिलाड़ियों ने सेंसर वाली जैकेट पहनी थी। लगभग हर मैच में रेफरी के दिए स्काेर पर टीम ने सवाल उठाए गए। कई बार पक्षपात का भी आरोप लगा। वहीं तलबारबाजी में एआई कैमरे के इस्तेमाल से होने से यह स्थिति आने की आशंका कम ही है।

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