इंग्लैंड के खिलाफ नहीं मिला मौका, मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास

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नई दिल्ली : इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर होने वाली 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह नहीं मिलने के बाद दिग्गज क्रिकेटर ग्लेन मैक्सवेल ने सोमवार (3 नवंबर) को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। 38 वर्षीय मैक्सवेल ने फर्स्ट-क्लास और लिस्ट-ए क्रिकेट से भी संन्यास लेने का फैसला किया है। हालांकि, वह बिग बैश लीग में मेलबर्न स्टार्स की ओर से खेलना जारी रखेंगे। फ्रेंचाइजी ने उनका अनुबंध 2027-28 सीजन तक बढ़ा दिया है।

मैक्सवेल ने पिछले साल जून में ही वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, लेकिन वह टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए उपलब्ध रहे। उन्होंने 2026 में हुए टी20 वर्ल्ड कप में भी हिस्सा लिया, जहां उनकी टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाई। फरवरी में ओमान के खिलाफ उस टूर्नामेंट का आखिरी मैच उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का भी आखिरी मैच साबित हुआ। उस मैच में उन्होंने गेंदबाजी करते हुए दो विकेट लिए, लेकिन उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला।

एमसीजी में आखिरी मैच खेलकर विदाई लेना चाहते थे ग्लेन मैक्सवेल

दो बार के वनडे विश्व कप विजेता और 2021 में ऑस्ट्रेलिया के टी20 विश्व चैंपियन बनने पर विजयी रन बनाने वाले मैक्सवेल की इच्छा थी कि वह अपने घरेलू मैदान मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर अपने देश के लिए एक आखिरी बार मैदान में उतर पाते, लेकिन उनकी यह हसरत पूरी नहीं हो सकी।

संन्यास के ऐलान के बाद ग्लेन मैक्सवेल ने क्या कहा?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मैक्सवेल ने कहा,’टी20 वर्ल्ड कप से पहले और बाद में हमारी कई बार बातचीत हुई। और यह बातचीत काफी खुली थी। उस तरफ (ऑस्ट्रेलिया टीम मैनेजमेंट) से कोई दबाव नहीं था और हमने तय किया कि आगे के लिए रास्ते खुले रखे जाएं। कुछ सीरीज आने वाली थीं। वे भविष्य पर ध्यान देना चाहते थे और हमने बांग्लादेश में देखा कि वहां खिलाड़ियों को मौके मिले और उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया।’

एमसीजी में आखिरी मैच खेलकर क्रिकेट को अलविदा कहना चाहते थे मैक्सवेल

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मैक्सवेल ने आगे कहा, ‘मुझे लगता है कि एक छोटी सी उम्मीद या शायद इस पर बात होनी चाहिए थी कि मुझे एमसीजी में एक विदाई मैच खेलने का मौका मिल सकता है, लेकिन इस टीम को लेकर वे जिस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं मैं उसे पूरी तरह समझ सकता हूं। मुझे लगता है कि अगले 12 से 24 महीनों में काफी बदलाव देखने को मिलेंगे, खासकर इसलिए क्योंकि (2028 में) ओलंपिक है। ऐसे में उन्हें कुछ युवा खिलाड़ियों पर नजर रखनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय दबाव का अनुभव मिले। एक ऐसा अनुभव जो शायद हमेशा बीबीएल के मैचों में नहीं मिल पाता।’

इंग्लैंड के खिलाफ टीम में जगह न मिलने पर मैक्सवेल ने तोड़ी चुप्पी

इंग्लैंड की टीम व्हाइट-बॉल सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया आने वाली है, जिसमें मेलबर्न में होने वाला एक टी20 मैच भी शामिल है। मैक्सवेल के मन में इस सीरीज के लिए खुद को तैयार करने का विचार आया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, ‘यह एक विकल्प था, लेकिन मैं अपने घुटने में इंजेक्शन लगवाने के लिए भी तैयार था, ताकि यह पक्का हो सके कि मैं बीबीएल के लिए फिट रहूं। दोनों ही स्थितियों में कुछ न कुछ सकारात्मक था। जैसे ही वह मौका हाथ से निकल गया, मुझे अपने शरीर पर फिर से ध्यान देने का समय मिल गया।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहकर बीबीएल की तैयारी में जुटे मैक्सवेल

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मैक्सवेल ने आगे कहा, ‘अब मैं 8 हफ्तों तक अच्छे से रिहैब करूंगा, ताकि मैं पूरी तरह मजबूत हो जाऊं और आने वाले बीबीएल के लिए तैयार रहूं। यह कुछ-कुछ उस परीकथा जैसा है, जिसमें आप अपने हीरो या आदर्शों को ऐसी स्थितियों से गुजरते हुए देखते हैं। आपका मन भी उसी दिशा में सोचने लगता है। शायद ही कोई और फॉर्मेट होता जिसके लिए मैं ऐसी इच्छा रखता, सिवाय इसके, जहां पिछले 15 सालों से मुझे बिल्कुल अपने घर जैसा महसूस होता रहा है।’

ग्लेन मैक्सवेल का क्रिकेट सफर

ग्लेन मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 130 टी20 मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 154.42 के स्ट्राइक रेट से 2897 रन बनाए हैं और 51 विकेट लिए हैं। इस फॉर्मेट में उनके नाम पांच शतक हैं, जो एक विश्व रिकॉर्ड है। इस रिकॉर्ड में वे रोहित शर्मा के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में सात मैच खेले हैं, जिनमें से आखिरी मैच 2017 में था और कुल 339 रन बनाए हैं। रांची में भारत के खिलाफ बनाया गया 104 रनों का स्कोर उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है।

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