नई दिल्ली। राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने अपने एनआरएआई एजुकेशन प्रोग्राम के तहत राइफल और पिस्टल स्पर्धाओं के लिए आईएसएसएफ ‘बी’ जजेज कोर्स की शुरुआत कर दी है। 20 से 24 जून तक दिल्ली-एनसीआर के ताज सूरजकुंड में आयोजित इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न राज्य राइफल संघों और संबद्ध इकाइयों से आए 31 तकनीकी अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। इस कोर्स का उद्देश्य अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (ISSF) के नवीनतम नियमों और मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देकर उनकी तकनीकी क्षमता और निर्णायक कौशल को मजबूत बनाना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन फ्रांस की आईएसएसएफ जजेज समिति की अध्यक्ष घिसलेन ब्रिएज और यूनाइटेड किंगडम के आईएसएसएफ तकनीकी समिति के सदस्य पॉल गमन कर रहे हैं। दोनों अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ प्रतिभागियों को कक्षा आधारित प्रशिक्षण के साथ व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से आधुनिक तकनीकी पहलुओं की जानकारी दे रहे हैं। उनके साथ भारत के आईएसएसएफ ‘ए’ लाइसेंसधारी धीरज सिंह और अरुण वरेशी भी प्रशिक्षक की भूमिका निभा रहे हैं।
एनआरएआई के अध्यक्ष कालिकेश नारायण सिंह देव ने कहा कि किसी भी खेल में तकनीकी अधिकारी निष्पक्षता, पारदर्शिता और नियमों के सही पालन की रीढ़ होते हैं। उन्होंने कहा कि एनआरएआई एजुकेशन प्रोग्राम के माध्यम से अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप प्रशिक्षित करना संघ की प्राथमिकता है। उन्होंने आईएसएसएफ का सहयोग देने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत में शूटिंग खेल के विकास को नई गति देंगे।
एनआरएआई के महासचिव एवं एनआरएआई एजुकेशन प्रोग्राम के निदेशक पवनकुमार सिंह ने कहा कि खिलाड़ियों के विकास के साथ-साथ प्रशिक्षित तकनीकी अधिकारियों का विकास भी उतना ही आवश्यक है। देश में शूटिंग प्रतियोगिताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसलिए योग्य और प्रमाणित जजों का मजबूत आधार तैयार करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भारत में आयोजित यह दूसरा आईएसएसएफ ‘बी’ जजेज कोर्स है और एनआरएआई नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से देश में उच्च स्तर की ऑफिशिएटिंग व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।


