नई दिल्ली। भारतीय निशानेबाजी के तकनीकी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत National Rifle Association of India (NRAI) ने शॉटगन रेफरी कोर्स की शुरुआत की है। यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 25 से 28 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें देशभर से चयनित 14 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इस चार दिवसीय कोर्स का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप रेफरी तैयार करना और घरेलू प्रतियोगिताओं में तकनीकी गुणवत्ता को और मजबूत करना है। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को शॉटगन शूटिंग के अंतरराष्ट्रीय नियम, रेंज मैनेजमेंट, प्रतियोगिता संचालन और रेफरी की जिम्मेदारियों पर विस्तृत जानकारी दी जा रही है। कोर्स का संचालन ISSF शॉटगन समिति के सदस्य अमर जंग सिंह और NRAI के वरिष्ठ अधिकारी मेहुल पटेल कर रहे हैं। दोनों विशेषज्ञ प्रतिभागियों को व्यावहारिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण दे रहे हैं, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर भूमिका निभा सकें।
NRAI अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने कहा कि भारतीय शूटिंग खेल वैश्विक स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और ऐसे में तकनीकी अधिकारियों की गुणवत्ता भी उसी स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कोर्स देश में प्रमाणित और प्रशिक्षित रेफरी की मजबूत टीम तैयार करने की दिशा में अहम कदम है। वहीं महासचिव पंकजकुमार सिंह ने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता की विश्वसनीयता उसके तकनीकी अधिकारियों की क्षमता पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि बढ़ते शेड्यूल और शॉटगन शूटिंग के विस्तार को देखते हुए प्रशिक्षित रेफरी की जरूरत और अधिक बढ़ गई है। अगले चार दिनों तक प्रतिभागियों का मूल्यांकन व्यावहारिक और लिखित परीक्षाओं के जरिए किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जिम्मेदारी दी जाएगी।


