नई दिल्ली : ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 पाकिस्तान के लिए निराशा भरे साबित हुए। पाकिस्तानी दल पूरे टूर्नामेंट में केवल एक कांस्य पदक जीत सका और इसी के साथ उसका अभियान समाप्त हो गया। पिछले 36 वर्षों में यह पाकिस्तान का सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है। इस निराशाजनक अभियान के बीच एक और विवाद सामने आया, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुक्केबाज कुदरतुल्लाह टीम की स्वदेश वापसी से पहले ही ग्लासगो में लापता हो गए। यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी पिछले वर्ष इटली में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान पाकिस्तान का एक मुक्केबाज इसी तरह गायब हो गया था। कमजोर प्रदर्शन और खिलाड़ियों से जुड़े लगातार विवाद पाकिस्तान में खेलों के गिरते स्तर और प्रशासनिक चुनौतियों की ओर इशारा करते हैं।
1990 में पाकिस्तान का दल बिना मेडल के भी लौट चुका है। पिछले 36 साल में कॉमनवेल्थ खेलों के इतिहास में यह पाकिस्तान का सबसे शर्मनाक प्रदर्शन है। फातिमा ने इन खेलों में इतिहास रचा और पाकिस्तान के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाली पहली महिला मुक्केबाज बनीं। जबकि ओलंपिक चैंपियन जैवलिन थ्रोअर अरशद नदीम भी पाकिस्तान को मेडल नहीं दिला पाए।
36 साल में पहली बार इतना फीका रहा पाकिस्तान का कॉमनवेल्थ सफर
पाकिस्तान के 21 सदस्यीय दल ने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में सिर्फ एक मेडल ही जीता है। यह मेडल महिला मुक्केबाज फातिमा जाहरा ने 60 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज जीतते हुए अपने देश के नाम किया। इसके अलावा पाकिस्तान को हर जगह मुंह की खानी पड़ी। यही कारण था कि 1998 कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद यह पाकिस्तान का सबसे खराब प्रदर्शन रहा। तब पाकिस्तान ने सिर्फ एक सिल्वर मेडल जीता था।
मुक्केबाजों का फरार होना पाकिस्तान के लिए पुरानी समस्या
पाकिस्तान के मुक्केबाज कुदरतुल्लाह के गायब होने को लेकर जानकारी पाकिस्तानी चैनल जियो न्यूज के हवाले से सामने आई। पाकिस्तानी चैनल ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पाकिस्तान के मुक्केबाजी महासंघ के एक सूत्र ने इस बात की जानकारी दी है कि, कुदरतुल्लाह को आखिरी बार अपने होटल रूम के आसपास रात 2 बजे के करीब देखा गया था। कुछ घंटों के बाद जब अधिकारियों ने उनका कमरा चेक किया तो वह वहां नहीं थे।
पाकिस्तान की टीम जब सुबह 9 बजे स्वदेश लौटने के लिए होटल की लॉबी में एकत्रित हुई, तभी पता चला कि मुक्केबाज कुदरतुल्लाह टीम के साथ मौजूद नहीं हैं। टीम अधिकारियों ने उनके कमरे की तलाशी ली, लेकिन वह वहां भी नहीं मिले। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उनका पासपोर्ट और वापसी का टिकट पहले से ही टीम मैनेजर के पास सुरक्षित था। गौरतलब है कि पाकिस्तानी मुक्केबाज के लापता होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले पिछले वर्ष इटली में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय दौरे के दौरान मुक्केबाज जोहैब भी इसी तरह टीम से अलग होकर गायब हो गए थे।


