लाहौर: पाकिस्तान हॉकी टीम के नए मुख्य कोच मंजूर उल हसन का मानना है कि उनकी टीम से 2019 में एफआईएच प्रो लीग में हिस्सा न लेने का बड़ा मौका चूक गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले के कारण खिलाड़ियों को दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ खेलने और जरूरी अनुभव हासिल करने का अवसर नहीं मिल सका, जिसका असर टीम के प्रदर्शन पर पड़ा।
पाकिस्तान हॉकी टीम को एफआईएच प्रो लीग के पहले सीजन से बाहर होना पड़ा था, क्योंकि टीम ने अपने शुरुआती तीन मुकाबले नहीं खेले थे। इस वजह से उसे शीर्ष स्तर की प्रतिस्पर्धा से हटकर कम रैंकिंग वाली टीमों के साथ दूसरे स्तर के एफआईएच नेशंस कप में हिस्सा लेना पड़ा। इस घटनाक्रम पर मंगलवार को एक पूर्व ओलंपियन ने भी प्रतिक्रिया देते हुए अपनी बात रखी।
एफआईएच प्रो लीग की शुरुआत 2019 में हुई थी और उस समय इसमें हिस्सा नहीं लेना बड़ी चूक साबित हुई। इससे पाकिस्तान हॉकी टीम के खिलाड़ियों को दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ खुद को परखने का अहम अवसर नहीं मिल पाया। दूसरी ओर, बाकी टीमें 2019 से लगातार इस लीग में खेलती आ रही हैं, जबकि पाकिस्तान को बाहर रहने के कारण कम रैंकिंग वाली टीमों के खिलाफ मुकाबले खेलने पड़े, जिससे प्रतिस्पर्धात्मक स्तर प्रभावित हुआ।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब आगामी चरण में पाकिस्तान को बेल्जियम हॉकी टीम, स्पेन हॉकी टीम, भारत हॉकी टीम और इंग्लैंड हॉकी टीम जैसी मजबूत टीमों का सामना करना है। इसके लिए टीम फिलहाल प्रशिक्षण शिविर में जुटी हुई है, ताकि बड़े मुकाबलों के लिए खुद को बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके।


