नई दिल्ली: भारत आज अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, और इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 12वीं बार लालकिले पर ध्वजारोहण किया। लालकिले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए उन्होंने खेलों के महत्व पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विकास में खेलों की अहम भूमिका है। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय ऐसा था जब बच्चे खेलों में रुचि लेते थे तो माता-पिता इसे नापसंद करते थे, लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई हैं। आज जब बच्चे खेल-कूद में आगे आते हैं और रुचि दिखाते हैं, तो माता-पिता गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने इसे देश के भविष्य के लिए शुभ संकेत बताते हुए कहा कि परिवारों में खेलों को प्रोत्साहित करने का माहौल देख उनका मन गर्व से भर जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी लागू की है और कई दशकों के बाद खेलो भारत नीति भी लाई गई है। इसका उद्देश्य खेल जगत का सर्वांगीण विकास करना है। उन्होंने बताया कि स्कूल स्तर से लेकर ओलंपिक तक एक संपूर्ण खेल ईकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिसमें कोचिंग की व्यवस्था, फिटनेस पर जोर, खेल के मैदान, आवश्यक सुविधाएं और संसाधन शामिल होंगे। साथ ही, लघु-उद्योगों को खेल के संसाधन बनाने में सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि यह पूरा ईकोसिस्टम दूर-दराज के बच्चों तक पहुंच सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में फिटनेस के महत्व पर जोर देते हुए मोटापे को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मोटापा देश के लिए एक बड़ा संकट बनता जा रहा है और विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में हर तीन में से एक व्यक्ति इससे प्रभावित हो सकता है। पीएम मोदी ने परिवारों से अपील की कि वे मोटापे और ओबैसिटी से बचने के लिए जागरूक हों। उन्होंने एक सरल सुझाव देते हुए कहा कि जब भी घर में खाने का तेल आए, तो उसकी मात्रा 10 प्रतिशत कम लें और उतना ही कम उपयोग करें। इससे मोटापे के खिलाफ लड़ाई में हर परिवार अपना योगदान दे सकेगा।


