पुणे: भारतीय बल्लेबाज़ पृथ्वी शॉ ने रणजी ट्रॉफी में शानदार वापसी करते हुए इतिहास रच दिया। चंडीगढ़ के खिलाफ खेले गए मैच में महाराष्ट्र के लिए खेलते हुए शॉ ने सिर्फ 156 गेंदों में 222 रनों की धुआंधार पारी खेली। यह रणजी ट्रॉफी के इतिहास का दूसरा सबसे तेज़ दोहरा शतक है। उनसे आगे केवल रवि शास्त्री हैं, जिन्होंने 123 गेंदों में दोहरा शतक जमाया था। शॉ ने अपनी पारी में 29 चौके और 5 छक्के लगाए। पहली पारी में सिर्फ 8 रन बनाने के बाद उन्होंने दूसरी पारी में शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज़ अपनाया। उन्होंने महज़ 55 गेंदों में 80 रन बना लिए थे और 72 गेंदों में शतक पूरा किया। इसके बाद वे और भी तेज़ हो गए और 141 गेंदों में दोहरा शतक ठोक दिया। यह पारी उनके करियर के लिए अहम मानी जा रही है क्योंकि शॉ लंबे समय से टीम इंडिया में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। इस सीज़न से पहले उन्होंने मुंबई छोड़कर महाराष्ट्र की ओर से खेलने का फैसला किया था। उनकी पारी ने महाराष्ट्र को 463 रन का मजबूत लक्ष्य खड़ा करने में मदद की।200 से कम गेंदों में दो बार दोहरा शतक लगाने वाले शॉ केवल दूसरे भारतीय बल्लेबाज़ बने हैं। उनसे पहले यह कारनामा वीरेंद्र सहवाग तीन बार कर चुके हैं।


