नई दिल्ली : दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु को शनिवार (13 जून) को ऑस्ट्रेलिया ओपन बैडमिंटन के सेमीफाइनल में जापान की शीर्ष वरीय अकाने यामागुची के खिलाफ सीधे गेम में हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ उनका बीडब्ल्यूएफ खिताब जीतने का इंतजार एक बार फिर बढ़ गया है और वह पिछले 17 महीनों से किसी भी टूर्नामेंट में खिताब नहीं जीत पाई हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की पूर्व नंबर-1 खिलाड़ी और तीसरी वरीयता प्राप्त सिंधु ने मुकाबले में पहले गेम में कड़ी टक्कर दी, लेकिन 43 मिनट तक चले इस मैच में यामागुची ने उन्हें 20-22, 12-21 से हराकर फाइनल में जगह बना ली।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सिंधु के बाहर होने के साथ ही बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 500 टूर्नामेंट में भारत का अभियान भी समाप्त हो गया। पहले गेम में उन्होंने जापान की अकाने यामागुची के हर शॉट का मजबूती से जवाब दिया। दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली और दोनों ने लगातार छह-छह अंक हासिल किए, लेकिन पीवी सिंधु अपने गेम प्वाइंट को भुनाने में नाकाम रहीं। यामागुची ने धैर्य बनाए रखते हुए पहला गेम अपने नाम किया। इसके बाद दूसरे गेम में मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल गया और यामागुची ने शुरुआत से ही दबदबा बनाते हुए सिंधु पर बढ़त बना ली, जिससे भारतीय खिलाड़ी वापसी नहीं कर सकीं।
सिंधु का संघर्ष जारी, यामागुची ने फिर दिखाया दम
यामागुची ने लगातार आठ अंक बनाकर 13-6 की बढ़त बना ली और पूरे गेम में अपना दबदबा बनाए रखते हुए आसानी से मैच जीत लिया। अब जापानी खिलाड़ी महिला एकल के खिताबी मुकाबले में थाईलैंड की पोर्नपावी चोचुवोंग से भिड़ेंगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सिंधु का इस हार के साथ यामागुची के खिलाफ हालिया संघर्ष जारी रहा। हालांकि, जीत के रिकॉर्ड में भारतीय खिलाड़ी अब भी 15-13 से आगे हैं, लेकिन पिछले छह मुकाबलों में से पांच में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है।
पीवी सिंधु का खिताबी सूखा दिसंबर 2024 से जारी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल खिताब जीतने के बाद से पीवी सिंधु अब तक बीडब्ल्यूएफ टूर में कोई भी खिताब अपने नाम नहीं कर पाई हैं। इस सीजन में यह उनका दूसरा सेमीफाइनल था, इससे पहले वह मलेशिया ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं, जहां उन्हें चीन की वांग झियी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा सिंधु इस सत्र में तीन बार क्वार्टर फाइनल तक भी पहुंची हैं, जो उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन को दर्शाता है, लेकिन वह निर्णायक चरण में जीत हासिल करने में सफल नहीं हो सकीं।


