रज़ा बोले: हम सम्मान कमाने आए थे और उसे लेकर लौट रहे हैं

0

नई दिल्ली: T20 वर्ल्ड कप 2026 में ज़िम्बाब्वे के शानदार और चौंकाने वाले प्रदर्शन के बाद टीम के कप्तान सिकंदर रज़ा ने कहा कि उनकी टीम इस टूर्नामेंट में जीत से ज्यादा सम्मान हासिल करने के इरादे से उतरी थी और वह लक्ष्य पूरा हुआ है। सुपर-8 के अपने आखिरी मुकाबले में साउथ अफ्रीका से हार के बाद दिल्ली में रज़ा ने कहा कि खिलाड़ी अब सिर ऊंचा करके स्वदेश लौट रहे हैं।

टूर्नामेंट शुरू होने से पहले बहुत कम लोगों ने ज़िम्बाब्वे को ग्रुप स्टेज से आगे जाने वाला माना था। लेकिन ऑस्ट्रेलिया और मेजबान श्रीलंका जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को हराकर ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल करना इस बात का संकेत था कि ज़िम्बाब्वे क्रिकेट अब बदल चुका है। भले ही सुपर-8 में टीम कोई मैच नहीं जीत सकी, लेकिन उसका समग्र प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। रज़ा ने कहा, “लोग हमें कम आंक रहे थे। हमारा लक्ष्य सिर्फ मैच जीतना नहीं, बल्कि दुनिया का सम्मान पाना था। मुझे अपनी टीम पर गर्व है और हम वह सम्मान हासिल करके जा रहे हैं।”

व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो रज़ा ने कप्तानी के साथ-साथ बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दिया। उन्होंने छह पारियों में 164.80 के स्ट्राइक रेट से 206 रन बनाए और पांच विकेट भी झटके। अगले महीने 40 साल के होने वाले रज़ा ने भविष्य को लेकर कहा कि वह एक समय में एक मैच पर ही ध्यान देना चाहते हैं। उनके शब्दों में, “उम्र सिर्फ एक संख्या है, असली चीज देश के लिए खेलने का जज्बा है।”

रमज़ान के दौरान रोज़ा रखते हुए खेलने पर रज़ा ने कहा कि यह उनके लिए कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत है। उनके अनुसार रोज़ा उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाता है और मैदान पर अतिरिक्त ऊर्जा देता है। रज़ा ने माना कि ज़िम्बाब्वे क्रिकेट में असली बदलाव सोच में आया है। करीब 18 महीने पहले टीम अफ्रीका के सब-रीजनल टूर्नामेंट खेल रही थी, लेकिन अब खिलाड़ी जिम्मेदारी लेना सीख चुके हैं। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद 16–18 खिलाड़ियों के समूह ने देश को मुश्किल दौर से निकालने का संकल्प लिया।

आने वाले वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए रज़ा ने ज़्यादा विदेशी दौरों की जरूरत पर जोर दिया। उनका मानना है कि बाहर खेलना खिलाड़ियों को अलग परिस्थितियों में खुद को परखने का मौका देता है। गौरतलब है कि अगला वनडे वर्ल्ड कप अफ्रीका में होगा, जहां ज़िम्बाब्वे सह-मेजबान है। इस टूर्नामेंट में बल्लेबाज़ ब्रायन बेनेट ने 292 रन बनाकर सभी का ध्यान खींचा। रज़ा ने उन्हें टीम का बड़ा सकारात्मक पहलू बताते हुए कहा कि एक भरोसेमंद ओपनर कप्तान के लिए बड़ी राहत होता है। अंत में रज़ा ने दिल्ली NCR में मौजूद ज़िम्बाब्वे समर्थकों, खासकर “कासल कॉर्नर” के फैंस का आभार जताया और कहा कि ये लोग सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि ज़िम्बाब्वे क्रिकेट परिवार का हिस्सा हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here