पुर्तगाल के लिए अब नहीं खेलेंगे रोनाल्डो, अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास

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नई दिल्ली : पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 41 साल की उम्र में इंटरनेशनल फुटबॉल से अपने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। अब वो पुर्तगाल के लिए लाल जर्सी में खेलते हुए नजर नहीं आएंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने ट्विटर पर वीडियो जारी करते हुए अपनी रिटायरमेंट की घोषणा की।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पुर्तगालवासियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आज वह दिन आ गया है, जब मुझे हमारी राष्ट्रीय टीम की 7 नंबर की जर्सी किसी और को सौंपनी है। मैंने कभी इस जर्सी को सिर्फ अपना नहीं माना, लेकिन 23 साल तक इसे पहनने, इसकी जिम्मेदारी निभाने और दुनिया भर के स्टेडियमों में पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व करने का मुझे सौभाग्य मिला।’’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रोनाल्डो ने कहा, ‘‘अब इसे अगली पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है। यह फैसला लेना आसान नहीं था। कुछ फैसले सिर्फ दिमाग से नहीं, दिल से भी लिए जाते हैं। मैं उस सफर को खत्म कर रहा हूं, जो अगस्त 2003 में शुरू हुआ था और जिसने मेरी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी।’’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रोनाल्डो बोले, ‘‘जब मैं राष्ट्रीय टीम के साथ बिताए इन वर्षों को याद करता हूं, तो मुझे सिर्फ मैच, गोल, रिकॉर्ड और ट्रॉफियां याद नहीं आतीं। मुझे लोग याद आते हैं। मुझे वे प्रवासी पुर्तगाली याद आते हैं, जिन्हें 90 मिनट के खेल के दौरान अपना देश थोड़ा और करीब महसूस हुआ। मुझे वे लाखों पुर्तगाली लोग याद आते हैं, जिनसे मैं कभी व्यक्तिगत रूप से नहीं मिला, लेकिन जो मेरी जिंदगी का हिस्सा बन गए, क्योंकि फुटबॉल सिर्फ एक खेल नहीं है, यह लोगों की भावनाओं से जुड़ा है।’’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रोनाल्डो ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय टीम के साथ अपने पूरे करियर में मैंने हमेशा अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश की। मैं जीतना चाहता था, सर्वश्रेष्ठ बनना चाहता था और इतिहास रचना चाहता था। मैंने हमेशा खुद से ज्यादा की उम्मीद की। मैं हमेशा कुछ और हासिल करना चाहता था। मुझे विश्वास था कि हम और आगे जा सकते हैं। इस जर्सी के लिए मैंने अपना सब कुछ दिया।’’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने कहा, ‘‘इस सफर में कई शानदार दिन और यादगार रातें आईं। ऐसी जीत मिलीं, जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकता। कुछ हार ऐसी भी रहीं, जिन्हें याद करके आज भी दर्द होता है। मुझसे गलतियां भी हुईं, मैंने दुख भी झेला और कई बार मैं पुर्तगाल के लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। सबसे बड़ी बात यह है कि पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व करने पर मेरा गर्व कभी कम नहीं हुआ।’’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रोनाल्डो ने बताया, ‘‘इन वर्षों में मैंने कुछ बहुत साधारण लेकिन अहम बातें सीखीं। गोल वक्त के साथ पीछे छूट जाते हैं, ट्रॉफियां संग्रहालयों में रखी रह जाती हैं और रिकॉर्ड एक दिन टूट जाते हैं, लेकिन एक चीज कभी खत्म नहीं होती और वह है लोगों के दिलों में आपकी जगह। अगर मेरी किसी एक गोल ने आपको खुशी दी। अगर मेरे किसी गोल के बाद आपने किसी को गले लगाया या उससे आपके मन में अपने देश के लिए गर्व पैदा हुआ तो मेरे लिए यह सफर पूरी तरह सफल रहा, क्योंकि पुर्तगाली होने का मतलब भी यही है। हम साथ मिलकर दुख झेलते हैं, साथ मिलकर उठ खड़े होते हैं और फिर से उम्मीद करना सीखते हैं।’’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रोनाल्डो ने कहा, ‘‘पुर्तगाल को हमेशा ऐसे युवा खिलाड़ियों की जरूरत रहेगी, जो सपने देखते हैं, कभी हार नहीं मानते और नई पीढ़ी को यह विश्वास दिलाते हैं कि उन ऊंचाइयों तक पहुंचना संभव है, जहां अब तक कोई नहीं पहुंचा। जिस देश में नए नायक पैदा होते रहते हैं, वह देश खुद पर भरोसा करना कभी नहीं छोड़ता। राष्ट्रीय टीम के अपने साथियों के लिए मैं खास तौर पर कुछ कहना चाहता हूं। हर दौड़, हर गले मिलने, हर बहस और मैदान पर उतरने से पहले की हर खामोशी के लिए आप सभी का धन्यवाद। उन जीतों के लिए भी, जिन्हें हमने साथ मिलकर मनाया और उन हारों के लिए भी, जिन्होंने हमें और मजबूत बनाया।’’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रोनाल्डो ने कहा, ‘‘आपका कप्तान बनना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी, लेकिन कोई भी कप्तान अकेले अपनी यात्रा पूरी नहीं करता। आप सभी मेरी कहानी का हिस्सा हैं। उन सभी कोचों, अधिकारियों, डॉक्टरों, फिजियोथेरेपिस्ट, किट मैनेजर और स्टाफ के सदस्यों का भी धन्यवाद, जिन्होंने इन वर्षों में मेरे साथ काम किया।’’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रोनाल्डो ने कहा, ‘‘आपमें से कई लोग तस्वीरों में कभी नजर नहीं आए, लेकिन आपके बिना वे यादगार तस्वीरें संभव ही नहीं थीं। अपने परिवार का भी धन्यवाद, जिसने इस सपने को मेरे साथ जिया। मेरी गैरमौजूदगी को समझने, मेरे लिए किए गए त्याग और उन पलों को स्वीकार करने के लिए धन्यवाद, जब राष्ट्रीय टीम को आपके हिस्से का भी समय देना पड़ा। अगर मैं यहां तक पहुंच पाया, तो इसकी वजह यह है कि हम हमेशा एक-दूसरे के साथ खड़े रहे।’’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रोनाल्डो ने कहा, ‘‘…और पुर्तगाल के लोगों, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले सभी पुर्तगालियों से मैं आखिरी बार एक बात कहना चाहता हूं। एक तस्वीर ऐसी है, जिसे मैं जिंदगी भर अपने साथ रखूंगा। वह पल, जब राष्ट्रगान शुरू होता है। मैं अपने आसपास देखता हूं। अपने साथियों को देखता हूं, स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को देखता हूं। वहां बच्चे होते हैं, मां-बाप होते हैं, दादा-दादी होते हैं। ऐसे पुर्तगाली लोग होते हैं, जो सिर्फ इस पल का हिस्सा बनने के लिए बहुत दूर से आते हैं।’’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रोनाल्डो ने कहा, ‘‘उन कुछ मिनटों में हम सब अपने सारे अंतर भूल जाते हैं। वहां न कोई क्लब होता है, न अलग-अलग रंग, न कोई वर्ग, न पेशा और न ही किसी की अलग राय। वहां सिर्फ एक जुनून होता है- पुर्तगाल। इस अहसास को मैं अपनी जिंदगी के आखिरी दिन तक अपने साथ रखूंगा।’’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने कहा, ‘‘आज राष्ट्रीय टीम के साथ मैदान पर मेरा सफर खत्म हो रहा है। मैं गर्व के साथ विदा ले रहा हूं। मुझे अपने सफर पर गर्व है और इस बात का पूरा अहसास है कि मैंने पुर्तगाल के लिए अपना सब कुछ दिया, लेकिन मैं कभी आपसे अलग नहीं होऊंगा। मैं आगे भी पुर्तगाल की हर जीत के लिए आपके साथ दुखी होऊंगा, खुशी मनाऊंगा और जश्न मनाऊंगा।’’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रोनाल्डो ने कहा, ‘‘मैंने अपनी पूरी जिंदगी दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनने के लिए मेहनत की, लेकिन आज मुझे अहसास हो रहा है कि मेरी सबसे बड़ी जीत दुनिया के सर्वश्रेष्ठ देश का प्रतिनिधित्व करने का सम्मान हासिल करना था।’’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रोनाल्डो ने कहा, ‘‘इन 23 वर्षों के लिए धन्यवाद। मुझ पर भरोसा करने के लिए धन्यवाद। मुझे उस सपने को जीने का मौका देने के लिए धन्यवाद, जिसकी शुरुआत मदीरा में एक छोटे से लड़के के रूप में हुई थी, जब मैं सिर्फ एक गेंद के पीछे दौड़ा करता था। 7 नंबर की जर्सी अब किसी और के पास होगी, लेकिन इसे पहनने का गर्व हमेशा मेरा रहेगा। पुर्तगाल हमेशा मेरे दिल में रहेगा। अलविदा।’’

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