नई दिल्ली. वेस्टइंडीज़ के कप्तान रॉस्टन चेज़ ने कहा है कि उनकी टीम भले ही मुश्किल दौर से गुजर रही हो, लेकिन बदलाव की शुरुआत दिल्ली टेस्ट से हो सकती है। मैच से पहले उन्होंने बताया कि हाल ही में दिल्ली में टीम मीटिंग में खिलाड़ियों और पूर्व दिग्गजों—ब्रायन लारा, रिची रिचर्डसन और विवियन रिचर्ड्स—से बातचीत हुई थी। सबने खिलाड़ियों को भरोसा बनाए रखने और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी। चेज़ ने कहा, “हम अभी नीचे हैं, लेकिन चीजें बदलेंगी। यह बदलाव खिलाड़ियों की मानसिकता और आत्मविश्वास से शुरू होगा। मेरा फोकस टीम को पॉजिटिव क्रिकेट के लिए मोटिवेट करने पर है।”
‘क्वालिटी फर्स्ट-क्लास क्रिकेट की कमी से असर पड़ा’
चेज़ ने माना कि टीम को लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में मुश्किल हो रही है। इसके पीछे उन्होंने घरेलू क्रिकेट के स्तर में कमी और खिलाड़ियों के आत्मविश्वास में गिरावट को वजह बताया। उन्होंने कहा, “जितना ज्यादा समय खिलाड़ी अच्छे गेंदबाजों के सामने बिताएंगे, उतना ही दबाव झेलना और गलतियों से सीखना सीखेंगे।” अपनी फॉर्म पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह अच्छी लय में हैं। “टेस्ट क्रिकेट में धैर्य और अनुशासन चाहिए। यहां आपको 100 नहीं, कभी-कभी 200 गेंदें भी खेलनी पड़ती हैं,” चेज़ ने कहा।
‘मरून जर्सी के लिए हमेशा सब कुछ दूंगा’
फ्रैंचाइज़ी क्रिकेट और नेशनल ड्यूटी के बीच संतुलन के सवाल पर चेज़ ने साफ कहा, “मेरे लिए वेस्टइंडीज़ का प्रतिनिधित्व करना हमेशा सपना रहा है। मेरे पास फ्रैंचाइज़ी क्रिकेट के अवसर हैं, लेकिन मैंने देश को चुना। कप्तानी मेरे समर्पण का प्रतीक है। मैं हमेशा मरून जर्सी के लिए सब कुछ दूंगा।” दिल्ली टेस्ट की पिच पर चेज़ ने कहा कि विकेट काफी संतुलित लग रही है और दोनों टीमों को इसमें मौका मिलेगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि “टेस्ट क्रिकेट नींव है। जो खिलाड़ी लाल गेंद से अच्छा खेलता है, वही तीनों फॉर्मेट में टिकता है। असली दिग्गजों ने अपनी पहचान टेस्ट क्रिकेट से ही बनाई है।”


