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Friday, March 13, 2026

संग्राम सिंह की वापसी: 40 की उम्र में 23 वर्षीय फ्रांसीसी फाइटर को देंगे चुनौती

नई दिल्ली : भारत के 40 वर्षीय एमएमए फाइटर संग्राम सिंह का अगला मुकाबला अर्जेंटीना में होने जा रहा है। वह 5 अप्रैल को फ्रांस के युवा फाइटर मौटेऊ मोंटेइरो से भिड़ेंगे। मोंटेइरो इस समय 23 साल के हैं और संग्राम सिंह से उम्र में 17 साल छोटे हैं। ऐसे में अपने से काफी युवा प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ संग्राम सिंह किस तरह जीत हासिल करते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खास बात यह भी है कि संग्राम सिंह पहली बार अर्जेंटीना में कोई फाइट लड़ने जा रहे हैं, जिसे लेकर वहां के फाइट फैंस के बीच भी काफी उत्साह देखा जा रहा है।

अर्जेंटीना में पहली बार मुकाबला लड़ेंगे एमएमए फाइटर संग्राम सिंह

अर्जेंटीना के समुराई फाइट हाउस के अध्यक्ष मार्टिन पाकसियाज ने इस मुकाबले को लेकर उत्साह जताया है। उन्होंने बताया कि यह फाइट अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स के टाइग्रे में रविवार, 5 अप्रैल को आयोजित होगी। इस दिन संग्राम सिंह एमएमए के समुराई फाइट हाउस 28 (SFH 28) के मुख्य मुकाबले में उतरेंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खास बात यह है कि किसी भारतीय एमएमए फाइटर का अर्जेंटीना की धरती पर फाइट करने का यह पहला मौका होगा। मार्टिन पाकसियाज ने आगे कहा कि संग्राम सिंह ने इससे पहले जॉर्जिया और नीदरलैंड के एम्सटर्डम में अपनी एमएमए स्किल का शानदार प्रदर्शन किया है। यही वजह है कि अर्जेंटीना के फाइट फैंस के बीच भी इस मुकाबले को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

अर्जेंटीना में संग्राम सिंह की फाइट का फैंस को बेसब्री से इंतजार

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मार्टिन पाकसियाज ने आगे कहा कि अर्जेंटीना के लोग ये जानने के लिए बेताब हैं कि जो पहले मिट्टी और गद्दे पर कुश्ती करते थे उन्होंने किस तरह से एमएमए फाइट में अपनी खास पहचान बनाई और 40 की उम्र में कोई फाइटर कैसे एमएमए में सफलता के झंडे गाड़ सकता है। संग्राम सिंह भारत में इस खेल के ब्रांड एम्बेसडर हैं और उनकी सफलता से भारत में भी इस खेल को अलग पहचान मिली है। अर्जेंटीना में संग्राम सिंह की मौजूदगी मील का पत्थर साबित होने वाली है।

हर फाइट के साथ बेहतर हो रहे हैं संग्राम सिंह

पूर्व प्रोफेशनल रेसलर से मिक्स्ड मार्शल आर्ट के फाइटर बने संग्राम सिंह ने कहा कि जब उन्होंने एमएमए की शुरुआत की तो हर किसी ने इस बात को लेकर हैरानी जताई थी कि रेसलिंग और एमएमए अलग दुनिया हैं, लेकिन उन्हें विश्वास था कि मैट पर सीखा गया अनुशासन, फिटनेस और योद्धा के लिए जरूरी जुझारूपन के जरिए वो एमएमए के मंच पर भी खुद को साबित करने में सफल रहेंगे। संग्राम सिंह के मुताबिक वो अपने हर फाइट के साथ और बेहतर होते जा रहे हैं।

हर भारतीय को गर्व महसूस कराना है लक्ष्य

संग्राम सिंह ने आगे कहा कि नीदरलैंड और जॉर्जिया की फाइट ने उन्हें पहले से ज्यादा मैच्योर फाइटर बनाने में मदद की है और अब अर्जेंटीना उनके सफर का अगला पड़ाव है। उनकी कोशिश होगी कि वो वहां पर जीते और अर्जेंटीना में रहने वाले लोगों के बीच खास जगह बनाएं। अर्जेंटीना में एमएमए फाइट लड़ने वाले पहले भारतीय बनने पर संग्राम सिंह ने कहा कि समुराई फाइट हाउस दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित फाइट लीग में से एक है, जहां दुनिया भर के फाइटर हिस्सा लेते हैं। अर्जेंटीना में एसएफएच 28 का हिस्सा बनना और दक्षिण अमेरिकी दर्शकों के सामने उतरना उनके लिए गर्व की बात है। यह अब तक का उनका सबसे बड़ा मंच है और वह हर भारतीय को गर्व महसूस कराना चाहते हैं। उनका प्रोफेशनल रेसलिंग से एमएमए तक का सफर अब तक असाधारण रहा है।

मुकाबले से पहले विरोधी को हराने के लिए संग्राम सिंह तैयार

एसएफएच 28 के मुकाबले के लिए संग्राम सिंह अपने भरोसेमंद कोच भूपेश कुमार और उनकी टीम की देखरेख में कड़ी तैयारी कर रहे हैं। कोच और टीम ने उनके एमएमए गेम को और बेहतर बनाने के लिए ट्रांजिशन, ग्राउंड कंट्रोल, स्ट्राइकिंग कॉम्बिनेशन, फाइट जैसी परिस्थितियों में खुद को ढालने और फिटनेस पर खास काम किया है। इसका मकसद यह है कि संग्राम एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वी का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। संग्राम सिंह ने कहा कि प्रैक्टिस रिंग और जिम में कोच भूपेश सर के साथ बिताया हर पल उन्हें एक नए स्तर तक ले जाने में मददगार रहा है। इससे उन्हें एमएमए की बारीकियों को और गहराई से समझने का मौका मिला है।

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