नई दिल्ली: भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर का मानना है कि गौतम गंभीर को कोच के रूप में थोड़ा शांत और संयमित रहने की जरूरत है। उनका साथ ही कहना है कि मुख्य कोच के कुछ कमजोर रणनीतिक फैसलों के बावजूद भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में सम्मानजनक ड्रॉ हासिल किया। मांजरेकर ने कहा कि बाएं हाथ के पूर्व बल्लेबाज गंभीर लाल गेंद के प्रारूप में रणनीतिक रूप से सही नहीं रहे हैं। मैनचेस्टर में रविवार (27 जुलाई) को कड़े मुकाबले में ड्रॉ के बावजूद भारत श्रृंखला में 1-2 से पीछे है और अब सिर्फ एक मैच बाकी है। मांजरेकर ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि उनके (गंभीर) कुछ रणनीतिक फैसलों के बावजूद भारत ने अच्छा प्रदर्शन किया है।
यह नहीं भूलें कि भारत न्यूजीलैंड से अपने घर में 0-3 से हारा और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसकी सरजमीं पर आसानी से हार गया। इस टीम में हमने जो संघर्ष देखा है? वह खिलाड़ियों की वजह से है।’’ मांजरेकर ने कहा, ‘‘रणनीतिक तौर पर गंभीर ने हमेशा चीजों को आसान नहीं बनाया है, विशेषकर चयन से जुड़े अपने कुछ फैसलों की वजह से।’’ मांजरेकर ने गंभीर से यह भी आग्रह किया कि वह हर विरोधाभासी राय को बिना सोचे-समझे आलोचना नहीं समझें। गंभीर ने कप्तान शुभमन गिल के आलोचकों पर पलटवार करते हुए उन्हें क्रिकेट की समझ की कमी वाला व्यक्ति बताया था।
गिल की प्रतिभा पर सवाल नहीं, बस निरंतरता की दरकार
गौतम गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुभमन गिल का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘‘शुभमन गिल की प्रतिभा पर कभी कोई संदेह नहीं था। अगर किसी को संदेह था तो शायद उन्हें क्रिकेट की समझ नहीं है।’’ गंभीर का यह बयान गिल के प्रदर्शन पर उठते सवालों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। कुछ खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जमने में समय लगता है।इस दौरे पर उसने जो किया उससे इस ड्रेसिंग रूम में कोई भी हैरान नहीं है।’’
उम्मीदों और क्षमता पर खरे उतरे
गंभीर ने कहा, ‘‘अगर उन्होंने वैसा प्रदर्शन नहीं भी किया होता जैसा उन्होंने किया, तब भी हमें उनकी प्रतिभा पर पूरा भरोसा होता। मायने यह रखता है कि वह हर बार खुद को बेहतर करने की कोशिश करता है और टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने को तैयार रहता है।’’ कि वह अपनी उम्मीदों और क्षमता पर खरे उतर रहे हैं। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि कप्तानी का तथाकथित दबाव उन पर बल्लेबाजी करते समय असर नहीं डालता। वह कप्तान के रूप में नहीं बल्कि बल्लेबाज के रूप में खेलते हैं।’’

