नई दिल्ली : फुटबॉल इतिहास के कई महान खिलाड़ियों ने फीफा विश्व कप के मंच पर अपने शानदार प्रदर्शन से अमिट छाप छोड़ी है। वर्षों से बने कई रिकॉर्ड आज भी कायम हैं, लेकिन 2026 का विश्व कप ऐसे कई कीर्तिमानों का गवाह बन सकता है जो टूटने की कगार पर हैं। 48 टीमों वाले नए प्रारूप में खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को पहले से अधिक मैच खेलने का अवसर मिलेगा, जिससे कई पुराने आंकड़े बदल सकते हैं।
जब भी विश्व कप में रिकॉर्ड और इतिहास रचने की बात होती है, तो सबसे पहले नजर लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर जाती है। अपने लंबे और शानदार करियर के दम पर ये दोनों दिग्गज 2026 में कई नए कीर्तिमान स्थापित कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हालांकि, इतिहास लिखने की दौड़ सिर्फ इन्हीं तक सीमित नहीं है। किलियन एमबाप्पे के पास कम उम्र में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका होगा, जबकि हैरी केन और गुइलेर्मो ओचोआ भी अपने प्रदर्शन से विश्व कप इतिहास में खास जगह बना सकते हैं।
फीफा विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने के रिकॉर्ड
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह शायद सबसे दिलचस्प रिकॉर्ड है जिस पर नजर रहेगी। फिलहाल यह रिकॉर्ड जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोस के नाम है, जिन्होंने अपने करियर में 16 विश्व कप गोल किए हैं। उन्हें मुख्य चुनौती देने वालों में लियोनल मेसी (13 गोल) और किलियन एमबाप्पे (12 गोल) के साथ शामिल हैं।
विश्व कप में सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड
अगर कुछ असामान्य नहीं होता है तो यह रिकॉर्ड टूटना तय है, क्योंकि यह रिकॉर्ड अभी लियोनल मेसी के नाम है। लियोनल मेसी ने 26 मैच खेले हैं। इसका मतलब है कि अर्जेंटीना जब भी उनके साथ मैदान पर उतरेगा, यह रिकॉर्ड बढ़ता जाएगा।
विश्व कप में सबसे ज्यादा व्यक्तिगत मैच जीतने का रिकॉर्ड
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फुटबॉल को आमतौर पर व्यक्तिगत खेल के रूप में नहीं देखा जाता है, लेकिन यह देखना दिलचस्प हो सकता है कि फीफा विश्व कप में किन खिलाड़ियों ने सबसे ज्यादा मैच जीते हैं। फुटबॉल वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले यह रिकॉर्ड मिरोस्लाव क्लोस के नाम है। उनके टीम में रहते जर्मनी ने विश्व कप में 17 मैच जीते हैं। उनका रिकॉर्ड टूट सकता है, क्योंकि लियोनल मेसी 16 जीत के साथ उनके काफी करीब हैं।
सबसे ज्यादा विश्व कप खेलने का रिकॉर्ड
खिलाड़ियों के लंबे करियर की अवधि हाल के वर्षों में काफी बढ़ी है। इसका एक कारण खेल विज्ञान और तकनीक में हुई प्रगति भी है। यही वजह है कि लियोनल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो दोनों छठा विश्व कप खेलने के लिए तैयार हैं। गुइलर्मो ओचोआ को भी छठे टूर्नामेंट के लिए टीम में चुना गया, लेकिन उन्होंने 2006 और 2010 में कोई मैच नहीं खेला था। इस रिकॉर्ड में लोथार मैथ्यूज, एंटोनियो कार्बाजाल, राफेल मार्केज और आंद्रेस गुआरदादो भी शामिल हैं।
नॉकआउट मैच में गोल करने वाला सबसे उम्रदराज खिलाड़ी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस रिकॉर्ड को कई खिलाड़ी चुनौती दे सकते हैं, क्योंकि पेपे ने जब 2022 में कतर में स्विट्जरलैंड के खिलाफ राउंड ऑफ 16 मैच में गोल किया था, तब उनकी उम्र 39 साल 283 दिन थी। इस संस्करण में कई बड़े नाम ऐसे हैं जो इसे तोड़ सकते हैं। इनमें क्रिस्टियानो रोनाल्डो, लुका मोड्रिच और एडिन जेको शामिल हैं। ग्रुप चरण के बाद एक अतिरिक्त नॉकआउट राउंड जुड़ने से यह रिकॉर्ड और ज्यादा पहुंच के दायरे में दिखाई देता है।
एक ही टूर्नामेंट में 40 साल से ज्यादा उम्र के सबसे ज्यादा खिलाड़ी
पहले के समय में सबसे बड़े मंच पर 40 साल से अधिक उम्र के खिलाड़ियों को देखना आम नहीं था। अब यह ज्यादा सामान्य हो गया है। अलग-अलग संस्करणों में यह रिकॉर्ड सिर्फ एक खिलाड़ी का रहा है, लेकिन इस बार इसके टूटने की पूरी संभावना है। 40 साल से ज्यादा उम्र वाले खिलाड़ियों में क्रिस्टियानो रोनाल्डो, लुका मोड्रिच, जेको, मैनुअल नोयर, क्रेग गॉर्डन, ओचोआ, वोजिन्हा और फर्नांडो मुस्लेरा शामिल हैं।
विश्व कप फाइनल में सबसे उम्रदराज आउटफील्ड खिलाड़ी
गोलकीपर ऐतिहासिक रूप से वह पोजीशन रही है जहां खिलाड़ी ज्यादा उम्र तक खेलते रहे हैं, लेकिन अगर सिर्फ आउटफील्ड खिलाड़ियों पर ध्यान दें तो निल्टन सैंटोस का नाम सबसे ऊपर आता है। ब्राजील के दिग्गज लेफ्ट बैक ने 1962 में 37 साल और 32 दिन में टीम के लिए फाइनल खेला था। मेसी और रोनाल्डो इस रिकॉर्ड को तोड़ने वाले सबसे संभावित नाम हैं, जबकि ओटामेंडी को इसके लिए मेसी की अनुपस्थिति जैसी स्थिति की जरूरत होगी।
लगातार दो फीफा विश्व कप ट्रॉफी उठाने वाले कप्तान की दौड़ पर रहेंगी नजरें
लगातार दो फीफा विश्व कप खिताब जीतने वाली टीम के कप्तान बनने का रिकॉर्ड अब तक किसी खिलाड़ी के नाम दर्ज नहीं है और 2026 में इसे बनाने का मौका केवल लियोनेल मेसी के पास है। अर्जेंटीना मौजूदा विश्व चैंपियन है और यदि वह अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करता है तथा मेसी टीम की कप्तानी करते हैं, तो वह यह अनोखी उपलब्धि हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी बन जाएंगे।
विश्व कप के इतिहास में अब तक केवल दो टीमें लगातार खिताब जीतने में सफल रही हैं, लेकिन दोनों मौकों पर कप्तान बदल गए थे। जियामपिएरो कोम्बी की कप्तानी में इटली ने 1934 का विश्व कप जीता था, लेकिन उनके संन्यास के बाद 1938 में टीम की कमान ज्यूसेपे मेआज्जा ने संभाली। इसी तरह 1958 में ब्राजील के कप्तान हिल्डेराल्डो बेलिनी थे, जबकि 1962 में टीम में मौजूद होने के बावजूद देश की परंपरा के कारण कप्तानी मौरो रामोस को सौंपी गई थी। ऐसे में मेसी के पास विश्व कप इतिहास में एक बिल्कुल नया अध्याय जोड़ने का सुनहरा अवसर होगा।
फीफा विश्व कप में दो बार गोल्डन बूट जीतने का ऐतिहासिक मौका
फीफा विश्व कप के इतिहास में अब तक कोई भी खिलाड़ी दो बार गोल्डन बूट का खिताब अपने नाम नहीं कर सका है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हालांकि, 2026 के संस्करण में यह अनोखा रिकॉर्ड बन सकता है। फिलहाल तीन सक्रिय खिलाड़ी ऐसे हैं, जो पहले भी गोल्डन बूट जीत चुके हैं और दोबारा यह सम्मान हासिल कर इतिहास रचने की क्षमता रखते हैं। इनमें किलियन एमबाप्पे, हैरी केन और जेम्स रोड्रिगेज के नाम शामिल हैं। यदि इनमें से कोई खिलाड़ी 2026 विश्व कप में सबसे अधिक गोल करने में सफल रहता है, तो वह विश्व फुटबॉल के इतिहास में दो बार गोल्डन बूट जीतने वाला पहला खिलाड़ी बन जाएगा।


