नई दिल्ली: पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने भारतीय विकेटकीपर ऋषभ पंत की फिटनेस को लेकर बड़ा बयान दिया है। शास्त्री ने कहा कि पंत को अगर अभी भी चोट की समस्या है, तो उन्हें अगले हफ्ते मैनचेस्टर में होने वाले टेस्ट मैच में नहीं खेलना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि किसी भी खिलाड़ी की फिटनेस से समझौता नहीं किया जाना चाहिए, चाहे वह टीम का अहम हिस्सा ही क्यों न हो। पंत सीरीज के दूसरे सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं। उन्होंने शुभमन गिल 607 रन के बाद सबसे ज्यादा 425 रन बनाए हैं। पिछले हफ्ते लॉर्ड्स में इंग्लैंड की पहली पारी में विकेटकीपिंग करते हुए पंत की तर्जनी उंगली (index finger) में चोट लग गई थी।
जसप्रीत बुमराह की गेंद पंत की बाईं तर्जनी उंगली में लगी, जब उन्होंने लेग साइड में गेंद को पकड़ने के लिए डाइव लगाई। इसके बाद ध्रुव जुरेल ने पंत की जगह सब्स्टीट्यूट विकेटकीपर की भूमिका निभाई। हालांकि, पंत ने दोनों पारियों में बल्लेबाजी की। उन्होंने पहली पारी में 74 और दूसरी में नौ रन बनाए। सीरीज में 1-2 से पिछड़ने के बाद भारत बेकेनहैम में तैयारी कर रहा है, लेकिन सहायक कोच रेयान टेन डोएशेट ने गुरुवार को संकेत दिया कि पंत आगामी टेस्ट में विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में खेल सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रेयान टेन डोएशेट ने ऋषभ पंत को लेकर कहा, “वह टेस्ट से पहले मैनचेस्टर में बल्लेबाजी करेंगे। मुझे नहीं लगता कि आप ऋषभ को टेस्ट से बाहर रखेंगे, चाहे कुछ भी हो जाए। उन्होंने तीसरे टेस्ट में काफी दर्द के साथ बल्लेबाजी की और अब उनकी उंगली की परेशानी कम होती जाएगी। विकेटकीपिंग प्रक्रिया का आखिरी हिस्सा है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि वह विकेटकीपिंग कर सके। हम दोबारा उस दौर से नहीं गुजरना चाहते जहां हमें पारी के बीच में ही विकेटकीपर बदलना पड़े।”
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रवि शास्त्री ने कहा कि वह ऐसे किसी कदम के खिलाफ हैं और इससे चोट और गंभीर हो और सकती है। उन्होंने आईसीसी रिव्यू पॉडकास्ट में कहा, “मुझे नहीं लगता कि अगर वह कीपिंग नहीं कर सकते, तो उन्हें विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर खेलना चाहिए क्योंकि उन्हें फील्डिंग करनी होगी। अगर वह फील्डिंग करते हैं, तो यह और भी बुरा होगा। ग्लव्स के साथ कम से कम कुछ सुरक्षा तो होगी। बिना ग्लव्स के, अगर उन्हें वहां चोट लग जाए तो यह बहुत बुरा होगा। इससे चोट और भी बढ़ जाएगी।”
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रवि शास्त्री ने यह भी कहा कि पंत को प्लेइंग 11 में शामिल करने का फैसला लेने से पहले प्रबंधन को चोट की गंभीरता का आकलन करना चाहिए। उन्होंने कहा, “आपको देखना होगा कि क्या यह टूटा है। अगर टूटा है या फ्रैक्चर है, तो उन्हें आराम करना चाहिए और ओवल में पूरी तरह से फिट होकर आना चाहिए। अब उन्हें कोई सब्स्टीट्यूट नहीं मिलेगा। अब उन्हें पता है कि वह चोटिल हैं। जब आप अगले टेस्ट के लिए टीम चुनेंगे, तो उन्हें विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी दोनों करनी होगी। वह दोनों में से एक नहीं कर सकते। यह तभी होगा जब वह पूरी तरह से फिट हों। अगर फ्रैक्चर नहीं है, तो मुझे लगता है कि वह खेलेंगे।”
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऋषभ पंत इंग्लैंड दौरे पर भारत के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक रहे हैं, जिन्होंने छह पारियों में 70.83 के औसत से 425 रन बनाए हैं। डोएशेट ने कहा कि पंत को ठीक होने के लिए अधिक से अधिक समय देने की योजना है। उन्होंने कहा, “उन्होंने आज आराम किया और जितना हो सके उंगली को आराम देने की कोशिश कर रहे थे। उम्मीद है कि मैनचेस्टर में पहले सत्र में खेलने के लिए वह पूरी तरह तैयार होंगे। वह समीकरण में हैं, लेकिन मेरा मतलब है कि अगर वह फिट रहे तो वह अगला टेस्ट खेलेंगे और दोनों काम करेंगे।”


