नई दिल्ली. महिला T20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम के प्रदर्शन को लेकर पूर्व तेज गेंदबाज शिखा पांडे ने कप्तान हरमनप्रीत कौर के स्ट्राइक रेट को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि टीम की मध्यक्रम बल्लेबाजी में निरंतरता और आक्रामकता की कमी साफ दिख रही है, जिसका असर परिणामों पर पड़ रहा है। शिखा पांडे के मुताबिक हरमनप्रीत को विकेट गिरने के दबाव से बाहर निकलकर अपने स्वाभाविक खेल पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कप्तान को बल्लेबाजी क्रम में थोड़ा ऊपर आना चाहिए, ताकि वह अधिक समय क्रीज पर बिता सकें और टीम को स्थिरता दे सकें।
अब तक टूर्नामेंट में हरमनप्रीत ने तीन पारियों में 72 रन बनाए हैं और कई बार उन्हें अलग-अलग पोजीशन पर बल्लेबाजी करनी पड़ी है। शिखा का मानना है कि लगातार भूमिका बदलने से उनके खेल पर असर पड़ रहा है। वहीं पूर्व क्रिकेटर वेदा कृष्णमूर्ति ने टीम मैनेजमेंट से जेमिमाह रोड्रिग्स को लेकर स्पष्टता रखने की मांग की है। उनका कहना है कि जेमिमाह को एक तय भूमिका दी जानी चाहिए और उन्हें लगातार नंबर तीन पर ही बल्लेबाजी करनी चाहिए।
वेदा कृष्णमूर्ति के अनुसार बार-बार बल्लेबाजी क्रम बदलने से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास प्रभावित होता है और उन्हें यह समझ नहीं आता कि उन्हें किस परिस्थिति में उतरना है। उन्होंने कहा कि T20 क्रिकेट में स्थिरता और स्पष्ट भूमिका बेहद जरूरी है। इस बीच जेमिमाह रोड्रिग्स भी अब तक अपने प्रदर्शन से प्रभावित नहीं कर पाई हैं, जिससे मध्यक्रम की चिंता और बढ़ गई है। भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ हालिया मुकाबले में बल्लेबाजी क्रम की अस्थिरता का खामियाजा भी उठाना पड़ा था।
टीम इंडिया के लिए राहत की बात यह रही कि युवा बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने तीन मैचों में 10 विकेट लेकर गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी गेंदबाजी भारत के लिए बड़ा प्लस पॉइंट साबित हो रही है। भारत अब बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले से पहले दबाव में है। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए टीम को अपने बचे हुए मैच जीतने होंगे, और इसके बावजूद नेट रन रेट अहम भूमिका निभा सकता है।


